अमृतसर - पंजाब कांग्रेस में आंतरिक फूट चरम पर पहुंच चुकी है, जिसके कारण बिहार विधानसभा चुनावों के पश्चात पंजाब की सियासत में भी बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी के बेहद करीबी नेता ने बताया कि दिल्ली में पार्टी हाइकमान द्वारा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह को उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पसंद नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण कैप्टन को पार्टी से अलग भी किया जा सकता है।
पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे कैप्टन भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह से भी दो बार मुलाकात कर चुके हैं तथा वह पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के दामाद आदेश प्रताप सिंह के संपर्क में भी हैं। आदेश प्रताप सिंह भी इन दिनों अकाली दल के असंतुष्ट दल में हैं। कैप्टन की इन्हीं गतिविधियों के कारण कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व कैप्टन को दरकिनार करना चाहता है। पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह भी कैप्टन की दलबदलू नीति के कारण उन्हें पसंद नहीं करते तथा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी उनसे खुश नहीं है।
पूर्व में कैप्टन अमरेंद्र शिरोमणि अकाली दल में मंत्री रह चुके हैं। दूसरी तरफ दिल्ली के कुछ बड़े नेता अंबिका सोनी को दिल्ली में पसंद नहीं करते इसलिए संभावना जताई जा रही है कि अंबिका सोनी को पंजाब का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कैप्टन को हटाए जाने की सूरत में उनके स्थान पर कांग्रेस पंजाब में भाजपा के फायरब्रांड नेता के भी संपर्क में है। यह नेता भाजपा नेतृत्व से खुश नहीं हैं जिसे कैप्टन के स्थान पर पार्टी में लाया जा सकता है।