चण्डीगढ़, 11 मार्च : पंजाब के राजस्व विभाग द्वारा एक अहम कदम तहत गेर तसदीकशुदा वसीयतों के मामलों में इंतकाल करने की प्रक्रिया सरल कर दी गई है। जिसके तहत यदि सभी वारिस सहमत है तो वह केवल हल्फिया बयान देकर इतकाल करवा सकेगें।
आज यहां राज्य राजस्व सलाहकार कमेटी की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुये राजस्व एवं लोक सम्पर्क मंत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया ने बताया कि गैर तसदीकशुदा वसीयतों संबधी मामलों में पहले सभी वारिसो का राजस्व अधिकारियों के आगे पेश होकर बयान दर्ज करवाने पडते थे जिस कारण अनेको केस विशेषकर एन आर आई के केसों में इतकाल के केस लम्बे समय तक लटकते रहते थे उन्होने कहा कि अब इस समस्या के हल के लिए कमेटी के सदस्यों की सिफारिशों के बाद निर्णय किया गया है कि गैर तसदीक शुदा वसीयतों के मामले में यदि सभी वारिस सहमत है तो उस मामलें में सभी वारिस केवल हल्फिया बयान देकर इंतकाल करवा सकेगें।
उन्होने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राजस्व संबधी मामलो में लोगो की सुविधा के लिए यह कमेटी गठित की गई जिसका मुख्य कार्य राजस्व रिकार्ड की संभाल,रजिस्ट्री प्रक्रिया सरल करने, प्राकृतिक आपदा और दंगा पीडितों के लिए सरकार द्वारा जारी स्कीमों को निम्र स्तर पर लागू करना निश्चित किया गया है और प्रशासकीय अधिकारियों के साथ साथ आम लोगो को दरपेश समस्याओं को जानने के लिए विधायकों को भी इसके सदस्य बनाया गया है।
बैठक दौरान प्रगट सिंह, वनिद्रर कौर लुंबा, सिमरजीत सिंह बैंस (सभी विधायक), वित कमीशनर राजस्व एन एस कंग, सचिव राजस्व सरबजीत सिंह, विशेष सचिव राजस्व अरविंदर सिंह बैंस, सचिव राजस्व एस एस खारा, उप सचिव अमनदीप सिंह भटटी भी उपस्थित थे।