चण्डीगढ़, 11 मार्च : आज यहां फसलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए डायरैक्टर कृषि विभाग, पंजाब डा.मंगल सिंह संधू की अध्यक्षता अधीन राज्य के समूह मुख्य कृषि अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक दौरान डा. संधू ने बताया कि पिछले समय दौरान राज्य में हुई भारी वर्षा के कारण रबी की फसल का झाड़ बढऩे की संभावना है और गेहूं पर पीली कुं गी का हमला नियंत्रण में है। इस सम्बन्धी डा. संधू ने मुख्य कृषि अधिकारियों को पीली कुंगी के हमले की रोकथाम के लिए निरन्तर यत्न किये जाने सम्बन्धी दिशा निर्देश दिये और प्रभावित क्षेत्रों में दो सौ एम्प्रोपेकोनाजोल दवाई दो सौ लीटर पानी में घोल बनाकर पीली कुंगी के खातमे के लिए प्रयोग करने के लिए कहा ताकि गेहूं की बम्पर फसल की पैदावार ली जा सके।
खरीफ के सीजन के लिए फसली विभिन्नता के मध्यनजर डा. संधू ने मुख्य कृषि अधिकारियों को कहा कि मक्की, कपास और गन्ना आदि फसलों के नीचे रकबा बढ़ाने के साथ साथ गुहारे की फसल को भी उत्साहित किया जाये। इन फसलों के बीजों सम्बन्धी किस्म अनुसार मांग भेजी जाये ताकि उस अनुसार अच्छी गुणवत्ता के बीजों का प्रबन्ध किया जा सके । सरकार की ओर से फसली विभिन्नता सम्बन्धी बनाए गये कार्यक्रम अनुसार जिला स्तर के एक्शन प्लान बनाने के निर्देश किये और कार्यक्रम की पूरी तरह पालना करने के आदेश भी दिये। इसके अतिरिक्त खरीफ 2013 के लिए जिलों में बीजों, खादों, ज़ाहिरों आदि के भण्डारन के प्रबन्धों सम्बन्धी पूरी जानकारी ली।
डा. संधू ने राज्य में चलाई जा रही योजनाओं जैसे कि आत्मा, राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, मैकरो मैनेजमैंट वर्क प्लान फार एग्रीकल्चर योजनाओं की प्रगति का भी जायजा लिया। इसके अतिरिक्त विभागों की ओर अन्य गतिविधियां जैसे कि किसान प्रशिक्षण शिविर, बीज खाद और दवाईयों का क्वालिटी कंट्रोल, कृषि इन्पुटस और मिट्टी पानी परख प्रयोगशालाओं के लक्ष्य आदि की प्रगति आदि का रिव्यू किया। इस सम्बन्धी समूह अधिकारियों को वित्तीय और भौतिकी लक्ष्यों की प्राप्ति वित्तीय वर्ष के अन्दर अन्दर पूरा करने के आदेश दिये और साथ ही प्रयोग की गई ग्रंाट के प्रयोग प्रमाण पत्र भेजने के निर्देश दिये।
डा. संधू ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री पंजाब स. प्रकाश सिंह बादल राज्य में फसली विभिन्नता लाने के लिए वचनबद्ध हैं और हर प्रकार से इसकी सफलता के लिए यत्नशील हैं और भारत सरकार को अपनी मैमोरेंडम द्वारा फसली विभिन्नता को अमलीजामा पहनाने के लिए पांच हजार रूपये की प्राथमिकता भी भेजी है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रत्येक जिला अपनी अपनी परिस्थितियों के अनुकूल फसली विभिन्नता लाएं ताकि राज्य के प्राकृतिक स्रोतों के बचाव के साथ साथ किसानों का आर्थिक स्तर उंचा उठाने के लिए प्रयत्न किये जा सकें। डा. संधू ने कहा कि सरकार की ओर से दिये गये लक्ष्य की पूर्ति सम्बन्धी पूरी गंभीरता और तनदेही के साथ कार्य किया जाये और गांव स्तर के किसान फिल्ड-डे मनाएं जाने के लिए और नई नई तकनीकें किसानों तक पहुंचाई जाएं। किसानों को आवश्यक सुविधाओं और इन्पुट सही समय के उपलब्ध करवाने को यकीनी बनाया जाये।