खरड़ - डेंगू बुखार ने खरड़ तथा आसपास के क्षेत्र में भी दस्तक दे दी है। बलौंगी की आदर्श कालोनी के एक नौजवान दुलेश कुमार पुत्र रामजी की डेंगू बुखार से हालत इतनी ज्यादा खराब हो गई कि यह नौजवान कोमा में चला गया है। पीड़ित नौजवान के भाई अखिलेश कुमार तथा अश्वनी चौधरी ने बताया कि दुलेश कुमार की हालत 15 सितंबर को ज्यादा खराब हो गई थी, जिस कारण उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल मोहाली में दाखिल करवाया गया था, जहां से डाक्टरों ने उसे दवाई देकर घर भेज दिया था।
उन्होंने बताया कि 16 सितंबर को दुलेश कुमार की हालत और ज्यादा खराब हो गई, जिस पर उसे मोहाली के एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां डाक्टरों ने दुलेश कुमार को डेंगू बुखार की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दुलेश कुमार के खून के सैल जब 50 हजार के करीब रह गए तो डाक्टरों ने उसे पीजीआई के लिए रैफर कर दिया। जब वह दुलेश कुमार को लेकर पीजीआई पहुंचे तो डाक्टरों ने कहा कि यदि मरीज के सैल 20 हजार हैं, तभी वह मरीज को भर्ती करेंगें।
उन्होंने बताया कि इसके बाद वह मरीज को लेकर सरकारी अस्पताल सैक्टर -16 ले गए जहां उसका इलाज चल रहा था, परंतु आज अचानक उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई, जिस पर डाक्टरों ने उसे पीजीआई चण्डीगढ़ के लिए रैफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान वह कोमा में चला गया।