चंडीगढ,10 मार्च: केन्द्रीय मानवीय स्रोत के विकास मंत्री डा. मंगापटटी पलम राजू ने आज पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल के सरकारी निवास पर उनसे मुलाकात की।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि स. बादल ने केन्द्रीय मंत्री को अपील की कि राज्य में मिडल स्कूलों को सैकेडरी स्कूलों मे अपग्रेड करने के लिए 5 किलोमीटर के फासले की शर्त नरम की जाए क्योकि राज्य में गांवों के बीच कम फासला और घनी आबादी होने के कारण राज्य की स्थिति दूसरे राज्यों से बिल्कुल अलग है इस लिए विद्यार्थियों की बहुत ज्यादा संख्या वाले मिडल स्कूलों को सैकेडरी स्कूलों के रूप में अपग्रेड करने की बहुत आवश्यकता है मुख्यमंत्री ने अपील की कि गांव या शहर की आबादी के लिए मौजूदा 5 किलोमीटर के फासले की शर्त को नरम करके तीन किलोमीटर किया जाए।
स. बादल ने केन्द्रीय मानवीय स्रोत संबधी विकास मंत्री को बताया कि राज्य सरकार द्वारा 17 विश्वविद्यालय डिग्री कालेजों की स्थापना की जाचुकी है जो अब बहुत बढिया स्थिति में चल रहे है उन्होने कहा कि नरोट जैमल सिंह और गुरू हर सहाए ने दो अन्य मार्डन कालेज स्थापित करने के लिए स्वीकृति देने के अतिरिक्त वेरका और मूनक में दो अन्य विश्वविद्यालय कालेजों को स्वीकृति दी जाए। इसी प्रकार जांलधर और अमृतसर में दो नये बहु तकनीकी कालेज कायम किये जा रहे है जहां नवयुवकों को हुनरमंदर बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने डाक्टर पलम राजू को अपील की कि बठिंडा में बनाई जा रही केन्द्रीय यूनिर्वसिटी के निर्माण व अन्य संबधित कार्यो में तेजी लाए जाए क्योकि राज्य सरकार ने अपने द्वारा सभी रस्मे पूरी कर ली है।
मुख्यमंत्री ने के न्द्र सरकार को अपील की कि ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले गरीब पंरतु होनहार विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए एक नई योजना बनाई जाए उन्होन कहा कि राज्य सरकार अपने सीमित स्रोतों द्वारा इस दिशा में पहले ही अहम प्रयत्न कर रही है जबक के न्द्र सरकार देश के बहुमूल्य सरमाए को व्यर्थ जाने से बचाने के लिए बहुत बडा रोल अदा कर सकती है। स. बादल ने केन्द्रीय मंत्री को कहा कि सर्व शिक्षा अभियान तहत राज्य के लिए स्कूल ग्रांट,वर्दी भत्ते और मैनेजमैंट लागत 3.5 से बढाकर 6 प्रतिशत की जाए।
इस अवसर पर खादय एवं सिविल आपूर्ति और सूचना टैक्रोलोजी मंत्री स. आदेश प्रताप सिंह कैरों ने अंतराष्ट्रीय सीमा के स्कूलों में सेवाए निभा रहे अध्यापकों के लिए उचित रिहायशी सुविधाए न होने का मामला उठाते हुये सुझाव दिया कि भारत सरकार इन अध्यापकों को बी एस एफ के संयुक्त प्रयत्न से रिहायश प्रदान कर सकती है।
स. बादल के सरोकार की प्रंशसा करते हुये केन्द्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि अमन और कानून के मामले के बाद शिक्षा सबसे अधिक अहमियत वाला विषय होना चाहिए साथ ही उन्होने आश्वासन दिलाया कि उपरोक्त सभी मामलों के शीघ्र हल के लिए वह इन पर खुले दिल से विचार करेगें।
केन्द्रीय मंत्री के साथ मानवीय स्रोत विकास मंत्रालय के सचिव उच्चतर शिक्षा अशोक ठाकुर और केन्द्रीय मंत्री के ओ एस डी शिशु कुमार उपस्थित थे।