चंडीगढ,10 मार्च: पंजाब सरकार द्वारा अमृतसर में जंगी नायकों की याद में उच्च दर्जे की यादगार बनाए जा रही है जिसके लिए शीघ्र ही एक संकल्प कमेटी का गठन किया जाएगा।
इस संबधी घोषणा पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने आज यहां सैक्टर 10 में स्थित सरकारी म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी के आडीटोरियम में दी वार डैकोरेटिड इंडिया संस्था द्वारा प्रत्येक तीन वर्षो के बाद करवाई जाती कौमी कंवैशन दौरान किया।
जल सेना,थल सेना,हवाई सेना और अद्र्ध सैनिक बलों से संबधित देश भर में बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित जंगी नायकों , वीर नारियों और शहीदी के पश्चात बहादुरी पुरस्कार विजेताओं के वारिसों की एकत्रता को संबोधन करते हुये स. बादल ने शिअद-भाजपा सरकार रक्षा सेैनिको और भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से वचनबद्ध है। क्योकि उनका यह निजी रूप से मानना है कि जिस प्रकार सैनिक देश की हिफाजत के लिए शानदार सेवाए निभाते है और यहां तक की देश के लिए स्वंय कुर्बान कर देते है उसी प्रकार परवर्तित रूप में सैनिको और उनके परिवारों की सुध लेना सरकार की प्रारभिंक जिम्मेवारी बनती है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने बहादुर योद्धाओ और वीर नारियों विशेषकर परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र पुरस्कारों से सम्मानित सैनिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करे।
स. बादल ने कहा कि बनाए जाने जंगी नायकों की यादगार वर्ष 1948 से लेकर हुई विभिंन जंगों,जम्मूकश्मीर के आपरेशनों और 1999 के कारगिल युद्ध में बेमिसाल वीरता दिखाने वाले हमारे बहादुर शूरवीरों को समर्तित एक श्रद्धाजलि होगी साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि सैना के तीन अंगों थल सेना,जल सेना,हवाई सेना के मुख्यों को उन्होने निजी तौर पर इस संबध में अहम हवाले और जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। स. बादल ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संघर्ष दोैरान पंजाब के स्वतंत्रता सैनानियों,देश भक्तों और शहीदों द्वारा डाले गये बहूमुल्य योगदान के प्रसार के लिए राज्य सरकार द्वारा जांलधर के समीप करतार पुर में विश्व स्तरीय जंग-ए-आजादी यादगार कायम की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनको पूरा विश्वास है कि यह दोनो यादगारे हमारे नवयुवकों को पंजाबियों के कुर्बानियों भरे इतिहास संबधी अवगत करवाने के लिए मार्ग दर्शक सिद्ध होगी।
रक्षा सेवाओं में पंजाब के मिसाली योगदान पर फखर जाहिर करते हुये स. बादल ने कहा कि इस समय में हमारी सरकार द्वारा तीन लाख भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं के कल्याण के लिए विभिंन योजनाए चलाई जा रही है। उन्होने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में अहम कदम उठाए गये है जिसके तहत कल्याणकारियों के लिए वितीय वर्ष के बजट में 24 करोड रूपये का उपबंध भी किया गया इसी प्रकार शहीद की विधवा को घर या प्लाट खरीदने के लिए पांच लाख रूपये की वितीय सहायता , जंगी जागीर को बढा कर 5000 से 10000 रूपये वार्षिक किया,अन्य लाभ जैसे बुढापा पैंशन,तकनीकी कोचिंग द्वारा स्वै रोजगार और पंजाब में सरकारी नौकरियों के लिए 13 प्रतिशत आरक्षण भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि राज्य सरकार द्वारा बहादुरी पुरस्कार विजेताओं के भत्तों में भी उचित वृद्धि की जाएगी।
रक्षा सैनाओं में पंजाबियों की कम हो रही संख्या पर चिंता प्रकट करते हुये स. बादल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा सेना में भर्ती के लिए जनसंख्या अनुकूल बनाई नीति पंजाब के साथ बिल्कुल बेइंसाफी है पंरतु फिर भी राज्य सरकार अपने स्तर पर नवयुवकों क ो सेना में अधिक से अधिक भर्ती के लिए प्रेरित करने के लिए हेतू बडे प्रयत्न कर रही है राज्य सरकार द्वारा इस दिशा की और उठाए कदमों को जिक्र करते हुये स. बादल ने कहा कि मोहाली में महाराजा रणजीत सिंह आमर्ड फोर्सिस प्रेपरेट्री इंस्टीच्यूशनज की स्थापना,16 सी पाईट केन्द्र , श्री आंनदपुर साहिब में श्री दशमेश अकादमी का पुर्न निर्माण, बठिंडा में नेवल एन सी सी यूनिट के अतिरिक्त मलोट में लडकियों के लिए एन सी सी अकादमी और रूप नगर में लडको के लिए एन सी सी अकादमी की स्थापना की गई है इन दोनों अकादमियों में प्रतिवर्ष 55000 नवयुवकों को प्रशिक्षण देकर सेना के तीनों अंगों में भर्ती होने के लिए प्र्रेरित किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने परम वीर चक्र विजेता दो जीवित हस्तियों कैप्टन बाना सिंह और हवलदार संजय कुमार सहित बहादुरी पुरस्कार विजेताओं ,वीर नारियों और शहीद होने के पश्चात पुरस्कार मिलने वालों के वारिसों को सम्मानित किया। इस अवसर पर स. बादल ने वार डैकोरेटिड इंडिया के प्रधान ब्रिगेडियर एन एस संधू एम वी एम सी ने अपने स्वागती भाषण में कहा कि उनकी संस्था पूरी तरह गैर राजनीतिक संस्था है जिसका एक मात्र उदेश्य बहादुरी पुरस्कार हासिल करने वाले सभी जंगी नायक ों और उनके वारिसों को एक मंच पर लाकर उनका कल्याण करना है ।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में मुख्य संसदीय सचिव रक्षा सेवाओं के कल्याण स. विरसा सिंह वलटोहा, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव के जे एस चीमा, एयर मार्शल रणधीर सिंह पी वी एस एम , ए वी एस एम , वीर चक्र ब्रिगेडियर संत सिंह एम वी सी और बी ए आर, मेजर जनरल लक्ष्मण सिंह लहल पी वी एस एम , वीर चक्र के पी गोपाल रावो एम वी सी, बी एस एम, आई एन के अतिरिक्त अन्य भूतपूर्व सैनिक,जंगी नायक,वीर नारिया,शहीदी के पश्चात पुरस्कार विजेताओं के वारिस और सरकारी अधिकारी शामिल थे।