लुधियाना - डीएसपी बलराज सिंह गिल तथा उनकी महिला मित्र मोनिका कपिला के सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में लुधियाना की अतिरिक्त सेशन जज प्रिया सूद की अदालत ने तीन दोषियों को उम्रकैद तथा तीन अन्य को कैद की सजा सुनायी है। गौरतलब है कि 9 सितंबर को इस अदालत ने इन आरोपियों को दोषी करार दिया था। इनमें से तीन को हत्या का दोषी तथा तीन को हत्या की साजिश रचने तथा दोषियों की मदद करने का दोषी करार दिया था।
अदालत ने आज आरोपी हरविन्द्र सिंह उर्फ पिंदर, उमेश कुमार तथा प्रितपाल सिंह को दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद तथा एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी। शेष तीन आरोपियों, जिनके खिलाफ हत्या की साजिश रचने का केस दर्ज था। उनमें से दविन्द्र सिंह उर्फ लाडी को आज जमानत भी दे दी गयी। आरोपी हसनजीत सिंह को सात साल तथा रविन्द्र सिंह को तीन साल की सजा सुनायी गयी। आज अदालत में आरोपियों को सजा सुनाने की खबर के चलते कोर्ट कक्ष में भारी गहमागहमी थी।
अदालत ने डीएसपी बलराज सिंह के पिता कश्मीरा सिंह भी मौजूद थे। इसके साथ ही आरोपियों के रिश्तेदार भी अदालत में पहुंचे हुए थे। यह हत्याकांड 1 फरवरी, 2012 को हंबड़ा रोड स्थित गोल्फ लिंक के नजदीक डीएसपी के दोस्त के फार्म हाउस में हुआ था। जहां डीएसपी बलराज देर सायं अपनी महिला मित्र मोनिका कपिला को मिलने गये थे।
यहां आरोपियों ने लूट की नीयत से दोनों की निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में डीएसपी के पिता की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था और पिछले साढ़े तीन साल से अदालत में इसका ट्रायल चल रहा था। डीएसपी बलराज सिंह गिल मोगा पुलिस में तैनात थे। वे फार्म हाउस में महिला मित्र से मिलने आये थे।