बीजिंग - चीन ने दूसरे विश्व युद्ध की 70वीं बरसी के बहाने थ्येन आनमन चौक पर पूरी दुनिया के सामने गुरुवार को अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने इस मौके पर तीन लाख सैनिकों की कटौती करने की अप्रत्याशित घोषणा भी कर डाली। विजय परेड में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, संयुक्त राष्ट के महासचिव बान-की मून और भारत के विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह समेत तीस देशों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। परेड में रूस और पाकिस्तान समेत 17 देशों के एक हजार सैनिकों ने भी हिस्सा लिया। भारत ने सैन्य भागीदारी नहीं की।
सैन्य शक्ति प्रदर्शन में चीन ने बैलिस्टिक मिसाइल, टैंक, बीस प्रकार के 200 युद्धक विमान समेत पांच सौ से ज्यादा हथियारों को दुनिया के सामने पेश किया। चीन ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन ऐसे वक्त किया है जब दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में अधिकार क्षेत्र को लेकर जापान समेत अन्य पड़ोसी मुल्कों के साथ रिश्ते काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस मौके पर दक्षिण कोरिया की राष्टपति पार्क ग्युन-हे, चीनी प्रधानमंत्री ली कछ्यांग, चीन के दो पूर्व राष्टपति जियांग झेमिन व हू जिंताओ और पूर्व प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ भी मौजूद थे। सैनिकों की कटौती के लिए हालांकि चीन ने कोई समय-सीमा तय नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि वर्ष 2017 तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ कर्नल झाओ बो ने बताया कि कटौती के जरिए सेना की गुणवत्ता में वृद्धि की जाएगी।