चण्डीगढ़, 5 मार्च : पंजाब सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए आरम्भ की गई अनेकों स्कीमों में से एक अहम ‘बेबे नानकी लाडली बेटी कल्याण स्कीम ’ प्रभावशाली ढंग से चलाई जा रही है इस स्कीम तहत बेटियों को समय के अनुसार बनाने के लिए उच्च गुणात्मक शिक्षा देने की दिशा में पहली जनवरी 2011 के बाद जन्मी समस्त लड़कियों के परिवारों को वित्तीय इमदाद दी जायेगी।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, बाल एवं महिला कल्याण मंत्री मदन मोहन मित्तल ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मादा भू्रण हत्या को सम्पूर्ण रोकने और लड़कियों को गुणात्मक शिक्षा देने के लिए गरीब परिवारों की बच्चियों को बाहरवीं तक की शिक्षा तक वित्तीय सहायता दी जायेगी।
मित्तल ने बताया कि ऐसी बेसहारा बच्चियां भी इस स्कीम तहत लाभपात्री बन सकेंगी। जो पहली जनवरी 2011 के बाद राज्य के बाल घरों या बे आसरा घरों में रह रही हैं। उन्होंने कहा कि लाभपात्री के इस स्कीम का फायदा लेने पर कोई ऐसी शर्त नहीं लगती कि परिवार में पहले कितनी और लड़कियां जन्मी हैं। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के लाभपात्री वह परिवार ही बन सकते हैं जिसकी वार्षिक आय तीस हजार रूपये से कम है। उन्होंने कहा कि तीस हजार रूपये तक आय का सबूत खाद्य एवं सिविल आपूर्ति विभाग द्वारा जारी नीला कार्ड होगा।
मित्तल ने बताया कि यह स्कीम केवल पंजाब राज्य में पक्की रिहायश वाली लड़कियों के परिवारों के लिए है। इस स्कीम का लाभ लेने के लिए योग्य उम्मीदवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी से फार्म लेकर भरना होगा।