चंडीगढ़ - शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने विद्यार्थीयों को रोजगार के काबिल बनाने के लिए वोकेशनल शिक्षा की पढ़ाई के दौरान परैक्टीकल प्रशिक्षण पर जोर देने को कहा। वह आज यहां पंजाब सिविल सचिवालय में विभाग के विभिन्न कार्यो की समीक्षा के लिए बुलाई समस्त अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वोकशनल शिक्षा का उद्धेश्य तभी पूरा होगा यदि विद्यार्थी इसको हासिल करने के बाद रोज़गार या अपना कार्य आरंभ कर सकें।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थीयों को हुनर प्रशिक्षण का कार्य सिखाया जाये जिसके लिए प्रैक्टीकल शिक्षा पर बल दिया जाये। उन्होंने कहा कि वोकेशनल शिक्षा वाले 400 स्कूलों में प्रैक्टीकल प्रशिक्षण के लिए अतिआधुनिक प्रयोगशालांए स्थापित की जायें और विद्यार्थीयों को बड़े उद्योगों एवं संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाये। डॉ. चीमा ने विभाग के अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र आरंभ कर अध्यापकों की भर्ती की जाये ताकि खाली रिक्तियों वाले स्कूलों में नई भर्ती होने वाले अध्यापकों की तैनाती की जाये। उन्होंने अधिकारियों से खाली स्टेशनों वाले स्कूलों संबंधी भी चर्चा की इसके अतिरिक्त उन्होंने अपग्रेडेशन वाले स्कूलों का संपूर्ण डाटा तैयार करने के आदेश देते हुये कहा कि सबसे अधिक जरूरत वाले स्कूलों को प्राथमिकता दी जाये।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की चेयरपर्सन तजिंदर कौर धालीवाल और प्रधान सचिव सी राउल के साथ बैठक के दौरान विचारविमर्श कर शिक्षा मंत्री ने निजी और मान्यता प्राप्त स्कूलों को बड़ी राहत देते हुये यह फैसला किया कि एक बार मान्यता लेने वाले स्कूलों को आगामी वर्ष दूसरी बार मान्यता लेने की जरूरत नही है। एक बार मान्यता मिलने के बाद स्कूल को दोबारा मान्यता लेने के लिए अप्लाई नही करना पड़ेगा।