चंडीगढ़ - पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने उद्योग एवं माइनिंग विभाग के अधिकारियों को 20 सितंबर तक 80 खानों की पुनः बोली करवाने और वाजिब दरों पर रेत एवं बजरी लोगों को मुहैया करवाने के लिए कम कीमतें तय करने के निर्देश दिए हैं। राज्य में रेत एवं बजरी की सप्लाई को लाइन पर लाने संबंधी एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपमुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेटों अधीन संबंधित जिलों में एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो कि रूपनगर, पठानकोट और होश्यिरपुर जिलों के कंडी क्षेत्रों में से पंजाब लैंड पैरीफेरी एक्ट (पीएलपी ) से बाहर के क्षेत्रों में से बजरी की खुदाई के लिए उन नए संभावी क्षेत्रों की तलाश करेगी जहां रेत एवं बजरी उपलब्ध हो सके।
उनके द्वारा यह कदम राज्य के लोगों को रेत एवं बजरी वाजिब कीमतों पर उपलब्ध करवाने हेतु उठाया गया है। बादल ने सिंचाई और उद्योग विभाग को डरैजरों की मदद से सतलुज और ब्यास नदियों के किनारों से रेत की खुदाई की संभावना की तलाश करने के लिए भी कहा ताकि रेत की भारी मांग को पूरा किया जा सके। उन्होंने माइनिंग विभाग को सिंचाई विभाग को नदियों और नहरों की डरैजिंग के दौरान नए डिस्पोजल परमिट जारी करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आम लोगों की सुविधा के लिए रेत की कीमत को 600-650 प्रति सैकड़ा क्यूबिक फुट के दरमियान रखना है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में की रोजाना मांग लगभग 58000 टन है।