मोहाली - पंजाब के मोहाली नगर निगम के मेयर के चुनाव में मंगलवार को सत्तारूढ़ अकाली भाजपा गठबंधन के पार्षद कांग्रेस तथा निर्दलीय पार्षदों से भिड़ गए, जिसके कारण मंडलीय आयुक्त को चुनाव टालना पड़ा। रूपनगर के मंडलीय आयुक्त ए. करुणा राजू ने कहा कि हिंसा के ऐसे हालात में चुनाव नहीं करवा सकते। वह मीडिया से मिले बगैर चले गए। मीडिया कर्मियों को अंदर मनाही थी। आरोप है कि अकाली गठबंधन अपनी हार को स्वीकार करने को राजी नहीं है।
निर्दलीय गुट तथा कांग्रेस को मेयर बनाने का मौका नहीं दिया जा रहा है। इसीलिए बैठक शुरू होते ही सत्तारूढ़ गठबंधन के पार्षदों ने तोडफ़ोड़ शुरू कर दी थी तथा मेज का शीशा तक तोड़ दिया। इसके अलावा हाथापाई तक की नौबत आ गई। बाहर खड़े इन पार्टियों के समर्थक भी आपस में भिड़ गए तथा उन्होंने विधायक और दो पार्षदों की गाडिय़ों पर पथराव किया। पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कांग्रेस विधायक बलबीर सिद्धू ने कहा कि हिंसा पूर्व नियोजित थी। जिला प्रशासन, पुलिस इसके लिए जिम्मेदार है। निर्दलीय गुट के नेता कुलवंत सिंह ने इस घटना को लोकतंत्र की हत्या करार दिया।