बठिंडा - पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने केन्द्र सरकार से अपील की है कि वह प्राथमिक स्तर पर बढय़िा शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिये शिक्षा के अधिकार कानून में जरूरी संशोधन कर पांचवीं व आठवीं की परीक्षाओं के लिये बोर्ड की परीक्षा फिर से बहाल की जाये। उन्होंने यह भी मांग की कि आठवीं की परीक्षा में फेल होने वाले छात्र को अगली कक्षा में दाखिला न देने का उपबंध किया जाये ताकि शिक्षा की गुणवत्ता को कायम रखा जा सके।
बादल आज जिले के गांव घुद्दा में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के 500 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले मुख्य कैंपस की आधारशिला रखने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकारी एक्ट के वर्तमान स्वरूप के तहत आठवीं कक्षा तक किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जा सकता तथा दसवीं कक्षा तक बोर्ड की परीक्षा नहीं होती। इस कारण निचले स्तर पर बहुत खराब परिणाम सामने आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह इस मसले को पहले भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास उठा चुके हैं तथा पंजाब विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव भी पास करके केन्द्र सरकार से इस एक्ट में जरूरत अनुसार संशोधन करने की मांग की जा चुकी है। इस दौरान आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्ता युक्त शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिये ऐसे विश्वविद्यालयों का लाभ पूरा क्षेत्र तभी ले सकता है, जब बुनियादी शिक्षा का स्तर ऊंचा हो।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति डा. सरदारा सिंह जौहल से कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा नजदीकी सकूलों व कॉलेजों को अपना कर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में के लिये तैयार किया जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा के स्तर को मजबूत करने के लिये बठिंडा सहित लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला, मोहाली तथा तलवाड़ा में मेरीटोरियस स्कूल खोले गये हैं। इसके अतिरिक्त फिरोजपुर, संगरूर व गुरदासपुर में भी मेरीटोरियस स्कूल खोले जा रहे हैं।