दुबई - 50000 प्रवासी भारतीयों से खचाखच भरे दुबई के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में सोमवार शाम को आयोजित मरहबा नमो कार्यक्रम में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जलवा देखते ही बनता था। स्टेडियम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं यहां पर मिनी भारत देख रहा हूं। उन्होंने अपने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपके आचरण के कारण भारत गौरव अनुभव करता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की ओर से जारी किया गया साझा बयान बहुत ही आनंद देने वाला है। इसमें कहा गया है कि यूएई भारत में 4.50 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि भारत में अगर बारिश होती है तो दुबई के मेरे देशवासी यहां छाता निकाल लेते हैं और अगर भारत कोई आपदा झेल रहा होता है तो यहां पर बैठा भारतवंशी चैन की नींद नहीं सोता है। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच साझा बयान में आतंकवाद से लडऩे के प्रति जताई प्रतिबद्धता को बेहद महत्त्वपूर्ण मानते हैं। कई साल से संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव कई सालों से लटका पड़ा है। जो संयुक्त राष्ट्र पहले विश्व युद्ध के बाद से काम कर रहा है, वह अभी आतंकवाद की परिभाषा तय नहीं कर पाया है। किसे आतंकवाद कहा जाए और किसे नहीं, वह यह तय नहीं कर पाया है। मुझे खुशी है कि दुबई के प्रिंस ने भारत के स्टैंड का समर्थन किया है। आतंकवाद से लडऩे के विषय में आपने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। आतंकवाद के खिलाफ दुबई और भारत ने एकता के स्वर के साथ संदेश दे दिया है। मैं इसे बहुत अहम मानता हूं। समझने वाले समझ जाएंगे, अक्लमंद को इशारा काफी है।
आतंकवाद में लिप्त लोगों को सजा होनी चाहिए, यह स्पष्ट संकेत यहां से निकला है। जब तक आतंकवाद की मानसिकता का समर्थन करने वाले देशों की तरफ मानवता में यकीन करने वाले देश एकजुट होकर कड़ी नजर से नहीं देखेंगे, तब तक इस समस्या का खात्मा नहीं होगा। मोदी ने कहा कि वह यहां के शासकों के इसलिए भी आभारी हैं क्योंकि उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से कहा है कि भारत को सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए।मरहबा नमो को इस नजरिए से भी महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यूएई के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि दौरे पर आए किसी देश के प्रमुख को इतने बड़े पैमाने पर सभा करने की इजाजत दी गई है।