संगरूर - संगरूर के गांव कालबंजारा में छेड़छाड़ से तंग आकर आत्मदाह करने वाली नाबालिग लडक़ी की मंगलवार को पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई। दलित परिवार की सोलह वर्षीय बेअंत कौर उर्फ गगनी बारहवीं कक्षा की छात्रा थी। खाड्डेवाल गांव का लडक़ा मनी स्कूल आते जाते उससे छेड़छाड़ करता था। उसने चार अगस्त को मनी की हरकतों से परेशान होकर आत्मदाह कर लिया और वह 70 प्रतिशत झुलस गई। उसे अस्पताल लाया गया जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे पीजीआई चंडीगढ़ स्थानांतरित कर दिया।
वह पिछले सात दिन से मौत तथा जीवन से संघर्ष कर रही थी और रात को ही उसने मजिस्ट्रेट को बयान दिए, जिसमें मनी को आरोपी बताया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इससे पहले पुलिस को गुमराह किया गया था कि लडक़ी रसोई में काम करते समय जल गई थी, लेकिन सच्चाई सोमवार रात को उसके बयान के बाद सामने आ गई। उसका पिता भट्ठा मजदूर हैं। मामले की जांच पुलिस महानिरीक्षक परमजीत सिंह गिल कर रहे हैं। उधर, लडक़ी के भाई जसगीर सिंह जग्गी का कहना है कि आरोपियों के पुलिस से अच्छे संबंध है और अगर इनसाफ नहीं मिला तो पूरा परिवार आत्मदाह करेगा। इससे पहले सोमवार रात को छेडख़ानी से परेशान होकर खुद को आग लगाने वाली लडक़ी ने कहा था कि गांव के लडक़े मनी खांडेवाड, मनी, स्वर्ण और गुरप्यार मेरे भाई से नाराज थे।
उसी का बदला लेने के लिए वे मुझे छेडऩे लगे। करीब महीने भर से ऐसा चल रहा था। मैंने घर पर नहीं बताया, क्योंकि मुझे पता था पिता स्कूल छुड़वा देंगे। चार अगस्त को मैं बस में चढ़ रही थी तो मनी ने मुझे खींचकर नीचे उतार लिया। मेरे कपड़े फाड़ दिए और थप्पड़ मारे। मैं यह बेइज्जती सहन नहीं कर सकी, इसलिए तेल डालकर खुद को आग लगा ली। मैं जानती हूं, मेरा बचना मुश्किल है। मुझे इस हालत में पहुंचाने वाले बड़े आदमी हैं, लेकिन मेरी विनती है कि मेरे साथ ऐसी हरकत करने वालों को सख्त सजा मिले।