न्यूयार्क - भारत में जन्मे सुंदर पिचई एक व्यापक पुनर्गठन के तहत गूगल के नए सीईओ बनाए गए हैं। कंपनी के सह-संस्थापक लैरी पेज ने आईआईटी के विद्यार्थी रह चुके पिचई की लगन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि पिचई कंपनी की कमान संभालें। एक चौंकाने वाली पुनर्गठन कवायद में पेज ने नई मूल कंपनी अल्फाबेट के गठन की घोषणा की, जो शेयर बाजार में गूगल का स्थान लेगी। गूगल ने रिस्ट्रक्चरिंग योजना के तहत अब कंपनी की सभी लोकप्रिय गतिवधियां नई कंपनी अल्फाबेट इंक के तहत काम करने का फैसला किया है और भारतीय मूल के सुंदर पिचाई को इसका सीईओ बनाया गया है।
इससे पहले पिचाई अब तक गूगल में वाइस प्रेजिडेंट की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। गूगल के नए सीईओ सुंदर पिचाई का असली नाम पिचाई सुंदरराजन है, लेकिन वे सुंदर पिचाई के नाम से मशहूर हैं। सुंदर पिचाई का जन्म तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 1972 में हुआ था और अभी वह फिलहाल 44 साल के हैं। उन्होंने चेन्नई स्थित जवाहर विद्यालय से पढ़ाई की शुरुआत की और फिर आईआईटी खडग़पुर में बीटेक की पढ़ाई करने चले गए। यहां उन्हें अपने बैच में सिल्वर मेडल प्राप्त हुआ। वहां से पढ़ाई पूरी कर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमएस किया और बाद में पेनसिलवेनिया यूनिवर्सिटी के वार्टन स्कूल से एमबीए किया।
इसके बाद पिचाई ने 2004 में बतौर प्रोडक्ट व इनोवेशन ऑफिसर गूगल ज्वॉइन किया जहां वह एंड्रॉयड, क्रोम, गूगल एप्स, सर्च, रिसर्च, मैप्स, कॉमर्स, एड्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और गूगल प्लस को संभालते रहे। बाद में कदम दर कदम बढ़ाते हुए इस मुकाम तक पहुंचे हैं। पिचाई के अलावा गूगल में काम करने वालों में अमित सिंघल, सलर कमंगर और श्रीधर रामास्वामी दूसरे शीर्ष भारतीय-अमरीकी हैं।