चण्डीगढ़, 28 फरवरी : पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने आज केन्द्रीय वितमंत्री पी चिदम्बरम द्वारा पेश किये केन्द्रीय बजट को दो दिनों में देशवासियों के लिए दूसरी बडी निराशा करार देते हुये कहा कि यह बजट आम चुनावों से पहले लोगों को भ्रम में डालने का एक नाकाम प्रयत्न से बढकर और कुछ भी नही है। उन्होने कहा कि यह बजट चुनावों से एक वर्ष पहले यू पी ए सरकार द्वारा पैदा की गई आर्थिक मंदी वाली स्थिति वाले चेहरे पर बनावटी मुस्कान लाने के एक यत्न से कुछ अधिक नही क्येाकि गरीबों और समाज के जरूरतमंद वर्ग जिनको लगातार मुश्किले पेश आ रही है, उनको कोई उचित राहत देने की बजाए उनक ो लगातार दूसरी बार निराशा देना है।
मुख्यमंत्री ने बजट के प्रस्तावों को पूरी तरह दिशा हीन, लोक विरोधी,गरीब विरोधी और किसान विरोधी बताते हुये कहा कि यह प्रस्ताव आर्थिकता में सुधार लाने और लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए बिल्कुल भी कारगर सिद्ध नही होगें। उन्होने कहा कि रेलवे बजट के बाद यू पी ए सरकार ने गरीब और आम लोगों को दूसरी निराशा दी है स. बादल ने एक बयान में कहा कि यह बजट जहां पहले ही बेलगाम हुई मंहगाई को और बढाएगा वही समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्गाे को किसी प्रकार की राहत विश्वसनीय बनाने की जगह दूसरी वस्तुओं की कीमतों में और वृद्धि करेगा उन्होने कहा कि वित मंत्री द्वारा टैक्स योग्य आमदन की प्रारभिंक सीमा में वृद्धि करने से इनकार करने से मध्यम वर्ग को बडी निराशा हुई है ।
मुख्यमंत्री कहा कि चिदम्बरम नई विकास योजनाएं बनाने के यत्नों द्वारा यू पी ए सरकार की नाकामियो पर पर्दा डाल रहे है। बजट में आर्थिक स्थिति का खुलासा ही इन सभी योजनाओं के बारे में झूठ को साबित करता है वित मंत्री ने अधिक मंहगाई दर पर नियंत्रण द्वारा यू पी ए सरकार की नाकामियों को छिपाने का यत्न किया है और बजट के प्रस्तावों को पूरी तरह गैर व्यवहारिक ओर गंभीर समस्याओं जैसे की बेरोजगारी,गरीबी और कृषि से संबधित मामलों को प्रभावी ढंग से निपटाए जाने के वास्ततिक उदेश्य से परे है।
स. बादल ने कहा कि उपरी स्तर पर भी ऐसी कोई ठोस नीति नजर नही आती जिससे आर्थिकता को मजबूत किया जा सके जैसे की एन डी ए के कार्यकाल दौरान हुआ था मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास दर की रफतार धीमी हेै और न ही विकास की दर पटरी पर लाने के लिए प्रयत्न ही किया गया है। सर्विस सैक्टर भी संघर्ष शील दौर से गुजर रहा है जो विशेष कर फ्रिक वाली बात है क्योकि मानवीय स्रोत हमारे देश के प्राकृतिक स्रोतों में सबसे अहम है उन्होने कहा कि यू पी ए सरकार को रोजगार के नये मौको को मुख्य मुददे पर ध्यान दिये जाने की जरूरत थी पंरतु उसने इस क्षेत्र को बुरी तरह अनदेखा किया है। स. बादल ने कहा कि यह एक बडी असफलता है क्योकि आज दुनिया भारत सबसे अधिक नवयुवकों वाला राष्ट्र होने के कारण यह नवयुवक हमारे देश का कीमती सरमाया हैं।
एक बयान द्वारा स. बादल ने कहा कि इसबजट में यू पी ए सरकार ने किसानों और कमजोर वर्गो को बिल्कुल नकार दिया है। कृषि को प्रोत्साहन देने के लिए इस बजट में कोई आशा की किरण नजर नही आती और ना ही इस बजट में कृषि क्षेत्र के कर्जे के जाल से निकलने का कोई उपंबध ही किया गया है बजट में कृषि विभिंनता को प्रोत्साहन देने के लिए उत्पादन और मार्किटिंग की आवश्यकता को अनदेखा किया गया है। स. बादल ने कहा कि द्वितीय हरित कां्रति के लिए एक ठोस रूप रेखा बनाए जाने की आवश्यकता है स. बादल ने कहा कि पंजाब के किसान ऋण के मकडजाल से बाहर निकलने के लिए कुछ राहत पैकेजों की बडी आशा लगाए बैठे थे पंरतु कांग्रेस की अध्यक्षता वाली यू पी ए सरकार ने कोई भी राहत न देते हुये पंजाब को एक बार फिर बाईपास कर दिया हेै। यहां तक की प्रधानमंत्री के पैकेज में सूखे से पीडित राज्यों में पंजाब को शामिल नही किया गया।
स. बादल ने कहा कि कांग्रेस सरकार जो स्वंय को आम आदमी हमदर्द होने का दावा करती है ने एक बार फिर इस बजट ने आम लोगों की आशाओं पर पानी फेर दिया है।