चण्डीगढ़, 28 फरवरी : पंजाब के सरकारी प्राइमरी स्कूलों मे शिक्षा के गुणात्मक सुधार और विद्यार्थियों के सर्वपक्षीय विकास के लिए चलाए गये प्रवेश (प्राइमरी शिक्षा सुधार)प्रोजैक्ट तहत क्रांतिकारी परिर्वतन देखने को मिल रहे है। इस प्रोजैक्ट द्वारा विद्यार्थियों को अकादमी पक्ष में परिपक्व करने के साथ साथ उनकी शख्शियत के निर्माण और सर्व पक्षीय विकास के लिए गुणात्मक शिक्षा एजेडा प्राथमिकता के आधार पर है।
विभाग द्वारा अब एक अन्य पहलकदमी करते हुये नन्हे मुन्ने साहित्यकार पैदा किये जा रहे है। विभाग द्वारा इन बच्चों की मौलिक रचनाओं को सकलित करके प्रवेश बाल पुस्तिका के रूप में प्रकाशित करके विद्यार्थियों की सजृनात्मक प्रतिभा को उजागर करने का यत्न किया गया है। इस मैगजीन का विमोचन करते हुये पंजाब के शिक्षा मंत्री स. सिंकदर सिंह मलूका कहा कि यह एक अत्यत्न शलाघा योग प्रयत्न है। जिसके द्वारा बच्चों में छुपी हुई साहित्यक सजृनात्मक प्रतिभा को मातृ भाषा द्वारा उजागर किया जा रहा है। इस प्रयत्न के कारण बच्चे जहां मातृ भाषा में स्वंय प्रगटावे की कला सिखते है वही माँ बोली पंजाबी को संभालने , संवारने और श्रृंगारने वाले भविष्य के नागरिक भी तैयार होते है यहां यह भी बताने योग्य है कि पंजाब के मिडिल,हाई और सीनियर सैकेडरी स्कूलों द्वारा अपने अपने स्कूलों के साहित्यक मेैगजीन निकालकर बच्चों में छुपी हुई साहित्यक प्रतिभा को निखारने मे अपना प्रमुख रोल अदा किया गया है पंरतु प्राइमरी स्तर पर यह प्रयत्न प्रवेश प्रोजैक्ट तहत पहली बार किया गया है।
इस अवसर पर डायरैक्टर जनरल स्कूल शिक्षा श्री काहन सिंह पन्नू ने इस प्रवेश बाल पुस्तिका के विमोचन के लिए स. मलूका का धन्यवाद करते हुये कहा कि उनके योग्य नेतृत्व अधीन विभाग ऐसे प्रयत्नों के लिए कडे यत्न करता रहेगा जिससे सरकारी स्कूलों के बच्चों का सर्वपक्षीय विकास करते हुये उनको सवै प्रगटावे की कला में निपुण किया जा सके। उन्होने बताया कि प्रवेश बाल पुस्तिका निरोल प्राइमरी स्तर के बच्चों और अध्यापकों की रचनाओं का सुमेल है जिसमें कविताए, कहानियां,लेख, चित्रकारी और ज्ञान विज्ञान आदि शमिल है। इस अवसर पर श्रीमती परमपाल कौर सिद्धू अतिरिक्त स्टेट प्रोजैक्ट डायरैक्टर, सर्वशिक्षा अभियान पंजाब भी उपस्थित थे।