गुरदासपुर - पंजाब में आतंकी हमले के दौरान शहीद हुए एसपी (डिटेक्टिव) बलजीत सिंह की पत्नी ने पंजाब सरकार के सामने दो मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा है कि जब तक उनके बेटे को एसपी और बेटियों को तहसीलदार बनाए जाने का अपॉइंटमेंट लैटर नहीं मिलता, तब तक वह पति का अंतिम संस्कार नहीं करेंगी। सोमवार को पंजाब के गुरदासपुर के दीनानगर में घुसे तीन आतंकियों के हमले में बलजीत सिंह शहीद हुए थे। बलजीत की पत्नी कुलवंत कौर ने मंगलवार को कहा कि जब उनके ससुर की मौत हुई थी, तब दो साल तक उनके पति को नौकरी के लिए परेशान होना पड़ा था।
कुलवंत ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने पुलिस को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी वाले हथियार तक नहीं दिए थे। शहीद बलजीत सिंह के परिवार में पत्नी कुलवंत कौर, एक बेटा मनिंदर सिंह (24) और दो बेटियां परमिंदर कौर (22) व रविंदर कौर (20) हैं। मनिंदर बी-टेक कर रहा है, जबकि परमिंदर आइलेट्स और रविंदर कौर बीडीएस की पढ़ाई कर रही हैं। बलजीत सिंह के पिता अच्छर सिंह को भी आतंकियों ने गाड़ी से कुचलकर मार दिया था। 1984 में पिता की शहादत के बाद ही बलजीत को सरकार ने पुलिस की नौकरी दी थी। अच्छर सिंह उस समय पुलिस इंस्पेक्टर थे।
उनकी मौत के बाद 1985 में बलजीत को एएसआई की नौकरी मिली थी। दीनानगर में फिर फटा बममंगलवार दोपहर को दीनानगर पुलिस थाने में एक बार फिर धमाका हुआ। खबर के मुताबिक यह धमाका सर्च आपरेशन के दौरान हुआ। इसमें किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। बताया जाता है कि यह धमाका आतंकियों द्वारा छोड़े गए एक हैंड ग्रेनेड के फटने से हुआ। दीना नगर थाने में मंगलवार को कुल आठ बम बरामद किए गए।