चण्डीगढ़, 27 फरवरी : पंजाब के शिक्षा और भाषा मंत्री स. सिंकदर सिंह मलूका ने वर्ष 2012-13 के लिए शिरोमणि अवार्डो की सूची को शार्टलिस्ट करने के लिए एक सब कमेटी गठित करने की घोषणा की है। यह निर्णय राज्य भाषा विभाग की हाल ही में नई गठित की गई राज्य सलाहकार बोर्ड की पहली बैठक दौरान लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुये स. मलूका ने विभिंन शिरोमणि अवार्डो के लिए नामों की सूची को शार्टलिस्ट करने की प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शता प्रयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होने कहा कि राज्य में पंजाबी और अन्य भाषाओं को बढावा देने के लिए यह आवश्यक है कि विभिंन अवार्डो के लिए नामों का चयन करते हुये प्रक्रिया में पूरी पारदर्शता बनाई जाए।
राज्य सलाहकारी बोर्ड की बैठक में यह निर्णय किया गया है कि भाषा विभाग द्वारा पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला की तर्ज पर लाइब्रेरी मैम्बरशिप की योजना शुरू की जाए जिसका उदेश्य इसके सदस्यों को पचास प्रतिशत छूट और इसकी सभी पब्लिकेशने उपलब्ध करवाना हो। इस के अतिरिक्त भाषा विभाग के पास पडे सारे पुराने खरडे पंजाबी विश्वविद्यालय की तर्ज पर निजी प्रशासकों से छपवाए जाएगें। बहुमत सदस्यों ने पढाई संबधी सभ्यचार पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि विद्यार्थियों में पढाई की आदत को विकसित किया जाए उन्होने शिक्षा मंत्री स.मलूका और डायरैक्टर जनरल शिक्षा श्री काहन सिंह पन्नू द्वारा प्रत्येक स्कूल द्वारा स्कूल मेगजीन छापने की शुरू की धारणा की भी प्रशंसा की और कहा कि इस से विद्यार्थियों मे पढने की आदत को विकसित होगी और इससे साहित्य का और विकास होगा इस अवसर पर गठित आठ सदस्यीय कमेटी के सदस्यों में श्री गुरभजन सिंह गिल्ल, श्रीमती हरजिन्द्र कोर, श्री तरलोचन सिंह, डाक्टर रवेल सिंह, प्रो. गुलजार सिंह संधू, बलदेव सिंह सडकनांवा, डा. तेजवंत मान और श्री सतनाम माणक भी उपस्थित थे यह राज्य लाइब्रेरी एक्ट राज्य में प्रभाव शाली ढंग से लागू करने के लिए अतिंम रूप देगी।