मोहाली - नूरां सिस्टर्ज के नाम से संगीत जगत में पहचान बनाने वाली सूफी गायिकाओं के असली नाम सुलताना और ज्योति है। लोग प्यार से दोनों गायिकाओं को नूरां सिस्टर्ज कहकर बुलाते हैं। पूरे वर्ल्ड में आज दोनों बहनें सूफी संगीत के कई कार्यक्रम विश्व के कई देशों में कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा से आज वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। भगवान की कृपा से ही सूफी संगीत के प्रति लगाव और प्यार है। उनके खानदान के किसी न किसी सदस्य के खून में सूफी संगीत विराजमान होता है, इसी कारण पिछली पांच पीढिय़ों से उनके जराने से कोई न कोई प्रसिद्ध सूफी सिंगर उभरकर सामने आया है।
वे प्रसिद्ध म्यूजिक डायरेक्टर एआर रहमान और शंकर महादेवन के साथ भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने हाई-वे फिल्म और जोर लगाके हाईसा गाने से भी काफी प्रसिद्धी बटोरी। नूरां सिस्टर्ज के परिवार में पिछली पांच पीढिय़ों से संगीत के प्रति लगाव रहा है और पिछली चार पीढिय़ों में किसी न किसी ने संगीत को नई ऊंचाई तक पहुंचाया और अपने घराने का नाम कायम रखा हुआ है। नूरां सिस्टर्ज का जन्म संगीत घराने में हुआ है और संगीत की शिक्षा उन्हें बचपन में ही अपने परिवार के सदस्यों से मिली है। दोनों बहनों को उनके पिता उस्ताद गुलशन मीर जो कि स्वर्गी उस्ताद रोशन लाल के बेटे हैं, से संगीत की गुर बचपन में ही सीखने को मिली है।
नूरां सिस्टज के दादा रोशन लाल फेमस सिंगर बीबी नूरां के पोते थे। बड़ी बहन सुलताना नूरा ने बताया कि उन्हें अकसर दोस्तों से सुनने को मिलता है कि वह मजाकिया हैं। जब भी उन्हें दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ बात करने का मौका मिलता है, तो खूब मजाक करती हैं और दूसरों को हंसाती हैं।