चंडीगढ़/लुधियाना - पंजाब में विभिन्न स्थानों से निकाले गये ‘हसनपुर चलो मार्च’ की अगुवाई करने वाले उग्रपंथियों और पुलिस के बीच कल हुई झड़प के बाद आज राज्य में शांतिपूर्ण स्थिति बनी रही। इसी बीच आज देर शाम बाबा सूरत सिंह खालसा को लुधियाना के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। यह जानकारी पंजाब पुलिस के एडीजीपी (इंटेलीजेंस) एच. एस. ढिल्लों ने यहां दी। उन्होंने कहा कि राज्य में स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है और पुलिस हर मामले पर पैनी नजर रखी हुई है।
उन्होंने कहा कि राज्य में कानून- व्यवस्था की स्थिति किसी हालत में बिगडऩे नहीं दी जायेगी। ज्ञातव्य है कि अमृतसर जिले में अजनाला से सिख युवकों का गुट हसनपुर की ओर जाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो युवकों ने पथराव शुरू कर दिया जिसमें डीएसपी सहित कई लोग घायल हो गये। ये सिख युवक लुधियाना के हसनपुर गांव जाना चाहते थे जहां सूरत सिंह खालसा, देश की विभिन्न जेलों में बंद 82 सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर 185 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। इस बीच करीब 100 लोगों को हिरासत में लेकर इनसे 30 पेट्रोल बम, पत्थर और लाठियां बरामद कीं।
सिख कार्यकर्ता श्री खालसा की हालत बिगड़ती जा रही है। काफी कोशिशों के बावजूद वह भूख हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हुए। तनाव देर शाम उस समय कम हुआ जब पुिलस और प्रशासकीय अिधकारी बाबा सूरत सिंह खालसा को अस्पताल में भर्ती करवाने में सफल हो गये। उनको स्थानीय सिविल अस्पताल में ले जाया गया है। ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फैडरेशन के कार्यकर्ता और कुछ उग्रपंथी संगठनों के कार्यकर्ता मार्च में शामिल थे।