होशियारपुर - होशियारपुर के एक स्कूल में बिजली पहुंचने में 95 साल का वक्त लग गया। पंजाब देश के उन आठ राज्यों में शामिल हैं, जहां के सभी गांवों में 2005 में ही इलेक्ट्रीसिटी की व्यवस्था हो चुकी है। सरकार की लालफीताशाही के चलते होशियारपुर-दसूया रोड पर स्थित मानगढ़ गांव के सरकारी प्राथमिक स्कूल में इलेक्ट्रीसिटी नहीं पहुंच पाई। इस स्कूल के बच्चों ने पहली बार पंखे की हवा खाई। वैसे इस गांव में तो 60 के दशक में ही इलेक्ट्रीसिटी की व्यवस्था हो गई थी, लेकिन गांव से बमुश्किल आधा किमी दूर स्थित इस स्कूल में बिजली आने में 50 साल लग गए।
स्कूल के इंचार्ज रमनदीप कौर ने कहा कि मैंने पहली बार स्कूल में पंखा चलने की आवाज सुनी है। मैंने 2006 में स्कूल ज्वांइन किया था। यह हमारे इलाके का सबसे पुराना स्कूल है। इसकी स्थापना 1920 में की गई थी। कौर के मुताबिक पंजाब स्टेट पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने यहां बिजली का कनेक्शन देने से मना कर दिया था। होशियारपुर की डिप्टी कमिश्नर अनिंदिता मित्रा ने बताया कि पिछले सप्ताह मैंने जब सुना तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि इस स्कूल में कभी बिजली ही नहीं आई। जब मैंने पंचायत वगैरह से पता किया तो यह बात सही निकली।