चंडीगढ़ - पंजाब में व्हीकल्स पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट एचएसआरपी बंद हुए चार महीने से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन इसमें सबसे ज्यादा पिस रहे हैं वे लोग जिनके पैसे पंजाब के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में जमा हो गए हैं, लेकिन नंबर प्लेट नहीं लगी। कारण पंजाब सरकार ने अचानक फैसला ले लिया कि हाई सिक्योरिटी प्लेट को बंद कर दिया जाए। इससे हुआ यह कि जिन लोगों ने प्लेट लगवाई नहीं थी उन्हें उस फैसले के बाद प्लेट लगवाने का मौका ही नहीं मिला।
ऐसे करीब 47 हजार 500 लोग हैं, जिनके न तो पैसे वापस मिल रहे हैं और न ही हाई सिक्योरिटी प्लेट लग पा रही है। एग्रोस इम्टैक्स कंपनी का कहना है कि लोगों ने उन्हें फीस जमा करवाई और उन्होंने स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को जमा करवा दी, जिनकी फीस ली गई है उनकी प्लेट्स तैयार हैं, लेकिन ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने अचानक कान्ट्रैक्ट कैंसिल कर दिया, जिस वजह से वे प्लेट्स नहीं लगा पा रहे। अब कंपनी कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रही है। सुधीर गोयल स्टेट बिजनेस हेड एग्रोस इम्टैक्स कंपनी को पंजाब के स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने 13 जनवरी को आर्डर किए थे कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बंद कर दी जाए। डिपार्टमेंट ने एग्रोस इम्टैक्स कंपनी के साथ नंबर प्लेट लगाने के कान्ट्रैक्ट को कैंसिल कर दिया।
डिपार्टमेंट का तर्क यह था कि नंबर प्लेट में स्नैप लॉक का फीचर नहीं है। 48 हजार लोगों के करीब एक करोड़ रुपए डिपार्टमेंट के पास हैं और लोगों को इसके रिफंड का इंतजार है। दिसंबर 2014 में करीब 53 हजार लोगों ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए अप्लाई कर पैसे जमा करवाए थे। लाइट मोटर व्हीकल यानी फोर व्हीलर के 370 रुपए और टू व्हीकलर के 125 रुपए की फीस रखी गई थी। जनवरी में 53 हजार में से 22 हजार 500 लोग तो अपनी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवा गए, लेकिन 30 हजार 500 लोग ऐसे रह गए, जो किन्हीं कारणों से यह प्लेट नहीं लगा सके।
हालांकि पैसे जमा करवाने के बाद कंपनी की ओर से नंबर प्लेट लगाने के लिए चार दिन बाद का समय दिया जाता था। इसी तरह 13 जनवरी तक 19 हजार लोगों ने अपने व्हीकल्स के फीस जमा करवाई। इनमें से सिर्फ दो हजार लोग ही प्लेट लगा सके और इससे पहले की बाकी के 17 हजार लोग प्लेट लगवाने आते तब तक स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने बैन लगा दिया।