चण्डीगढ़, 22 फरवरी : कृषि विभिन्नता के मध्यनजर डेयरी फार्मिंग को प्रोत्साहन देने के लिए डेयरी विकास विभाग ने राज्य में नवयुवक डेयरी फार्मरों के लिए व्यापक डेयरी प्रशिक्षण कार्यक्रम आरम्भ किया है।
इस बात की जानकारी देते हुए आज यहां पंजाब के पशु पालन और डेयरी विकास मंत्री स. सरवण सिंह फिल्लौर ने कहा कि पंजाब सरकार पंजाब को एक डेयरी राज्य के रूप में विकसित करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस समय राज्य में तीन हजार व्यक्ति प्रशिक्षण केन्द्रों में 15 दिनों का प्रशिक्षण ले रहे हैं जबकि 600 शिक्षार्थी विभिन्न प्रशिक्षण केन्द्रों में 45 दिनों का प्रशिक्षण कोर्स कर रहे हैं। इन केन्द्रों में शिक्षार्थियों को पशुओं की संभाल और उनके उपचार सम्बन्धी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिक्षार्थियों को कर्ज लेने के लिए बैंकों की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के मौजूदा आठ प्रशिक्षण केन्द्रों के अतिरिक्त शीघ्र ही गुरदासपुर में एक संगठित फार्म प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किया जायेगा। इसके अतिरिक्त नवयुवक किसानों को मच्छली पालन, मुर्गी पालन और डेयरी के क्षेत्र में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस बनाए जा रहे के न्द्र में एक बीज टैस्ट करने सम्बन्धी लैबोटरी भी स्थापित की जायेगी।
स. फिल्लौर ने कहा कि डेयरी का धन्धा अपनाने के लिए सुविधा प्रदान करने हेतू राज्य सरकार इन नवयुवकों को तकनीकी और वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाएगी। डेयरी विकास विभाग ने आधुनिक शैड डिजाईन किये हैं। पशुओं के लिए बेहतर शैड स्थापित करने के लिए गायों के शैड के लिए 1.5 लाख और भैसों के शैड के लिए एक लाख रूपये सबसिडी उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के परामर्श से पशुओं के लिए बेहतर शेड बनाने को विश्वसनीय बनाया जायेगा ताकि वह बेहतर स्थिति में रह सकें। उन्होंने कहा कि डेयरी का धंधा तेजी से बढ़ फूल रहा है और मौजूदा स्थिति में इस धंधे से बेहतर आमदन की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्जे से खरीदे जाते सभी पशुओं का बीमा किया जाता है और इसका प्रीमियम सरकार द्वारा अदा किया जाता है। इसके अतिरिक्त मशीनरी की खरीद और अन्य साजो सामान आधुनिक डेयरियों के लिए खरीदने के लिए भी सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने डेयरी के क्षेत्र में हर सहायता देने का आश्वासन दिलाया है। ताकि सही मायनों में पंजाब को डेयरी राज्य बनाया जा सकें।