इस्लामाबाद - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की रूस के ऊफा में मुलाकात के तुरंत बाद ही पाकिस्तान ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। ऊफा में दोनों प्रधानमंत्रियों की बातचीत में तय हुआ था कि दोनों देश वार्ता की राह पर आगे बढ़ेंगे, जबकि अब पाकिस्तान दूसरा ही राग अलापने लगा है। नवाज शरीफ के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि कश्मीर को बातचीत के एजेंडे में रखे बगैर दोनों मुल्कों के दरमियां कोई बातचीत नहीं होगी। इसके साथ ही पाकिस्तान ने कहा कि वह अपने सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।
मुंबई पर हुए आतंकी हमलों में लश्कर-ए-तोएबा के कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी की भूमिका की जांच में सहयोग के मसले पर सरताज अजीज ने कहा पाकिस्तान को भारत से और अधिक जानकारी और सबूतों की जरूरत है। भारत के लिए लखवी एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। हाल ही में एक पाकिस्तानी कोर्ट से उसे इसलिए जमानत पर रिहा कर दिया गया, क्योंकि पाकिस्तान की सरकार अदालत में जरूरी सबूत पेश करने में नाकाम रही। हालांकि सरताज अजीज ने कहा कि रूस के ऊफा में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मुलाकात में नवाज शरीफ ने नरेंद्र मोदी से समझौता एक्सप्रेस ट्रेन ब्लास्ट मामले में और अधिक जानकारी देने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शरीफ की भारतीय प्रधानमंत्री से मुलाकात एक अच्छी शुरुआत है और इसमें तनाव कम करने को तवज्जो दी गई है। सरताज अजीज के बयान पर भारत में तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई है। इस पर भाजपा प्रवक्ता जीपीएलएन राव ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों ने एक ज्वाइंट स्टेटमेंट पर दस्तखत किए हैं। दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की दिशा यही ज्वाइंट स्टेटमेंट तय करेगा। उन्होंने कहा कि कई लोग अलग-अलग तरह के बयान दे रहे हैं। उनका मकसद घरेलू हितों को पोषण करना है। कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने कहा कि यह बात उन्होंने संयुक्त घोषणापत्र पर दस्तखत के समय क्यों नहीं कही।
पाकिस्तान को लखवी से जुड़े सभी सबूत दिए गए हैं। यह स्पष्ट है कि मुंबई पर हुए आतंकी हमलों में शामिल लोगों को न्याय के कटघरे में खड़ा करने की पाकिस्तान की कोई मंशा नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री से अपील करूंगा कि वह झूठे वादे और दावे करने की जगह लखवी जैसे लोगों की गिरफ्तारी के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि इनसाफ किया जा सके।