बिश्केक - भारत और किर्गिस्तान ने रक्षा सहयोग बढ़ाने समेत विभिन्न क्षेत्रों में चार अहम समझौतों पर रविवार को हस्ताक्षर किए। मध्य एशियाई देशों की यात्रा के पांचवें पड़ाव में किर्गिस्तान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश के बड़े नेताओं से मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच ये समझौते हुए। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए किए गए समझौते का मकसद सुरक्षा, सैन्य शिक्षा एवं प्रशिक्षण, संयुक्त सैन्य अभ्यास, अनुभव एवं सूचनाओं को साझा करना तथा सैन्य प्रशिक्षकों एवं पर्यवेक्षकों का आदान-प्रदान है।
इसके अलावा आर्थिक, सांस्कृतिक और चुनाव के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते किए गए। श्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति अलमाज्बेक अतमबाएव के साथ संयुक्त संबोधन में कहा कि क्षेत्र में फिलहाल चुनौतियों का समय है और ऐसे समय में भारत एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित पड़ोस चाहता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खतरा बन चुके कट्टरपंथ और आतंकवाद से लड़ाई में दोनों देशों के हित साझा हैं। मेरी इन सभी पांच देशों की यात्रा से यह साबित हुआ है कि हम मध्य एशिया के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने को कितना महत्त्व देते हैं। इस दिशा में किर्गिस्तान एक अहम स्थान रखता है।
श्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करने के लिए किर्गिस्तान का आभार प्रकट करते हुए कहा कि मैं संयुक्त राष्ट्र और उसके सुरक्षा परिषद के सुधारों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए किर्गिज नेताओं का सहयोग चाहता हूं। बिश्केक में अपने अल्पकालीन प्रवास के उन्होंने किर्गिज-इंडिया माउंटेन बायो मेडिकल रिसर्च सेंटर का दूसरा चरण शुरू किया। इसके बाद श्री मोदी ने महात्मा गांधी स्ट्रीट पर बापू की प्रतिमा का अनावरण किया।