मास्को - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषा को आर्थिक प्रगति का एक अहम कारक बताते हुए मंगलवार को कहा कि आने वाले दिनों में भारत की तरक्की के साथ-साथ हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं का दुनिया में महत्त्व बढऩे वाला है। श्री मोदी ने अपने उज्बेकिस्तान दौरे के दूसरे दिन राजधानी ताशकंद में भारतीय अध्ययन के विद्वानों, छात्रों और भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब कोई देश आर्थिक प्रगति करता है तो उस देश की भाषा के प्रति समझ बढ़ाना अहम हो जाता है।
उन्होंने कहा कि भारत के साथ यही हो रहा है। दुनिया के अधिक से अधिक लोग भारतीय भाषाओं में दिलचस्पी ले रहे हैं। उन्होंने भाषा एवं आर्थिक समृद्धि का रिश्ता रेखांकित करते हुए कहा कि भाषा का आर्थिक स्थिति के साथ सीधा-सीधा नाता है। जिनकी आर्थिक समृद्धि होती है, उनकी भाषा के पंख बड़े तेज उड़ते हैं। दुनिया के सारे लोग उस भाषा को जानना चाहते हैं, समझना चाहते हैं क्योंकि आर्थिक व्यापार के लिए सुविधा होती है। इस प्रकार से भाषा एक आर्थिक अनुष्ठान बन जाती है। आने वाले दिनों में हिंदोस्तान की भाषाओं का महत्त्व बढऩे वाला है क्योंकि भारत जैसे-जैसे आर्थिक उन्नति करता जाएगा, दुनिया उससे उतना ही अधिक गहराई से जुडऩा चाहेगी।