बर्लिन - जर्मनी में जब एडोल्फ़ हिटलर की बनाई हुई कलाकृतियों की नीलामी की गई तो वे तकरीबन 4000,000 यूरो (लगभग 2 करोड़ 87 लाख रुपए) में बिकी। इनमें से जो पेंटिंग सबसे ऊंचे दाम में बिकी वो बवारिया के एक किले की पेंटिंग है। बवारिया के न्यूसच्वेनस्टिन कॉसल की इस पेंटिंग को चीन के एक व्यक्ति ने 1 लाख यूरो ( लगभग 71 लाख रुपए ) में खरीदा। यह नीलामी जमर्नी के न्यूरेम्बर्ग में नीलामी संस्था वील्डर की ओर से की गई थी। न्यूरेम्बर्ग में हुई नीलामी में एडोल्फ़ हिटलर के हस्ताक्षर वाली एक दूसरी तस्वीर 72,000 यूरो ( करीब 52 लाख रुपए) में बिकी। पिछले साल, इसी नीलामी घर ने 1914 में म्यूनिख हॉल की हिटलर की बनाई पेंटिंग करीब 99 लाख 32 हज़ार रुपए में बेची थी।
कला संस्था में प्रवेश नहीं मिला वील्डर के मुताबिक बोली लगाने वालों में ब्राज़ील, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस और जमर्नी के निजी निवेशक शामिल रहे। हालांकि हिटलर को एक औसत दर्जे का कलाकार माना जाता है लेकिन जब भी उनकी कलाकृतियों की नीलामी हुई है वो ऊंची कीमतों पर बिकी हैं। पेंटर के रूप में हिटलर के बारे में एक रोचक तथ्य सामने आया है। वो ये कि उन्होंने 20 वीं सदी की शुरुआत में वियना कला अकादमी में प्रवेश की दो बार कोशिश की थी और दोनों ही बार उनकी कोशिशों को खारिज कर दिया गया।