लुधियाना - प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार भलाई विभाग मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी सोमवार की सुबह खन्ना के स्थानीय सिविल अस्पताल में डाक्टरों और स्टाफ से पहले ही पहुंच गए। स्वास्थ्य मंत्री के अचानक दौरे से अस्पताल में हडक़ंप मच गया। आकस्मिक चैकिंग के लिए मंत्री आठ बजने से पांच मिनट पहले सिविल अस्पताल पहुंचे। इस दौरान दो डाक्टरों और नौ कर्मचारियों को गैरहाजिर पाया गया। दो-तीन डाक्टर और स्टाफ के कुछ सदस्य थोड़ा देरी से ड्यूटी पर पहुंचे थे, जिन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
उन्होंने अस्पताल के एमर्जेंसी वार्ड, ओपीडी, आपरेशन थियेटर, मेडिकल स्टोर, लेबर रूम, महिला वार्ड, जनरल वार्ड, ब्लड बैंक और ट्रॉमा वार्ड का दौरा करके कई मरीजों से बातचीत की। मरीजों से पूछा गया कि इलाज के बदले उनसे किसी ने रुपए तो नहीं मांगे। दवाएं अस्पताल से मिलीं या बाहर से खरीदनी पड़ीं? जितने मरीजों से पूछा, सभी का एक ही जवाब था कि इलाज सही तरीके से पूरी तरह नि:शुल्क हो रहा है। केवल सरकारी फीस ही उन्होंने अदा की है।
ज्यादातर दवाएं अस्पताल से मुफ्त मिली हैं। कुछ दवाएं, जो अंदर नहीं थीं, वे बाहर से लेनी पड़ी हैं। श्री ज्याणी ने कहा कि जो स्टाफ गैरहाजिर पाया गया, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। संतुष्ट जवाब न मिलने पर तबादला कर दिया जाएगा। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों और अन्य स्टाफ की कमी पर मंत्री ने कहा कि इसे गंभीरता से लिया जा रहा है और रिक्त पद भरे जा रहे हैं। बहुत जल्द 400 एमबीबीएस डाक्टरों की भर्ती की जाएगी। कार्यकारी एसएमओ डा. रंजीव बैंस ने उन्हें अस्पताल की जरूरतों से अवगत करवाया।