खरड़ - पंजाब ऊर्जा विका स एजेंसी द्वारा शिवालिक पब्लिक स्कूल फेज-दो मोहाली ऑडिटोरियम में सोलर पावर स्कीम के बारे किसानों को जागरूक करने के लिए सेमिनार कराया गया। इसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। इस मौके पर पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी के जिला मैनेजर सुरेश गोयल ने बताया कि सेमिनार का मुख्य उद्देश्य पांच एकड़ से अधिक जमीन के मालिक किसानों के लिए सूरजीय ऊर्जा प्लांट लगा कर बिजली पैदा करना है।
उन्होंने बताया कि किसान एक मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाने से सालाना 14 लाख से 16 लाख यूनिट पैदा कर सकते हैं, जिससे उनका बहुत लाभ होगा। गोयल ने बताया कि इस स्कीम अधीन किसान एक से अढ़ाई मेगावाट तक का सोलर पावर प्लांट लगा सकते हैं। सोलर प्लांट लगाने के लिए जिस पर लगभग 6.25 करोड़ रुपए की लागत आएगी। उन्होंने बताया कि इस प्लांट को लगाने के लिए प्रोजेक्ट कीमत का किसानों को 70 से 80 प्रतिशत का कर्जा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सोलर प्लांट वाली जगह पर खेतीबाड़ी भी की जा सकती है, जो किसानों की आमदनी में अधिकता हो सके और सूरजीय पैनल द्वारा खेती की सिंचाई सोलर वाटर पंप द्वारा जमीन से पानी निकाल करके भी की जा सकती है। इस स्कीम अधीन एनआरआई, अनसूचित जाति और कबीले से संबंध रखने वाले और औरतों के लिए 20 प्रतिशत कोटा रिजर्व रखा गया है। उन्होंने और भी बताया कि सोलर पावर प्लांट लगाने वाले किसानों की सारी कागजी कार्रवाई पेडा द्वारा की जाएगी। इस मौके पर पेडा के ज्वाइंट डायरेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सोलर पावर प्लांट लगवाने में चाह्वान किसान अपनी अर्जियां 18 जून तक भेज सकते हैं। इस मौके पर सुपिंद्र सिंह सीनियर मैनेजर पेडा चंडीगढ़ ने सोलर पावर प्लांट लगाने संबंधी किसानों द्वारा पूछे सवालों के जवाब दिए।