वाशिंगटन - नासा ने अपनी क्रांतिकारी उडऩ तश्तरी का सफल परीक्षण किया। इससे मंगल समेत दूरस्थ ग्रहों पर भारी पेलोड ले जाने में मदद मिलेगी। अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के लो डेंसिटी सुपरसोनिक डेसीलरेटर (एलडीएसडी) ने अपनी दूसरी परीक्षण उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की। उडऩ तश्तरी के आकार वाला यह यान प्रशांत महासागर में हवाई द्वीप के काउई तट पर उतरा।
नासा की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि यान को गुब्बारे की मदद से 1.2 लाख फीट की ऊंचाई पर पहुंचाया गया। यहां पर छोड़े जाने के बाद एक इंजन इसे 1.8 लाख फीट की ऊंचाई पर ले गया, जहां मंगल ग्रह सरीखे वातावरण में इसका परीक्षण किया गया।