चंडीगढ़ - बादल परिवार के मोहाली रिजार्ट से जुड़े विवाद में आज उस समय नया मोड़ आया जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब राज्य को नोटिस देकर पूछा कि क्यों न मुख्यमंत्री को इस मामले में एक पक्ष बनाया जाये। कोर्ट ने पूडा को भी नोटिस दिया। उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल व उनकी पत्नी केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर के स्वामित्व वाले मोहाली के इस रिजार्ट को जाने वाली सडक़ की जमीन के एक टुकड़े को लेकर विवाद पैदा हुआ है। यह जमीन गमाडा ने अधिगृहीत की थी।
मामला डा. जुवीजा चढ्ढा ने कोर्ट के नोटिस में लाया था। अपनी याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि समुचित कानूनी प्रावधानों को अमल में लाये बिना जल्दबाजी में जमीन अधिगृहीत कर ली गयी। याचिकाकर्ता की 7 कनाल, 15 मरला जमीन का हिस्सा भी रिजार्ट को प्रस्तावित 100 फुट चौड़ी रोड में आ गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिग्रहण के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराने के लिए जरूरी 60 दिन का समय भी नहीं दिया गया। याचिका में इस बात पर भी प्रश्न चिन्ह लगाया गया है कि उक्त प्राजेक्ट को हरी झंडी देने के लिए बुलायी गयी बैठकों की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ने कैसे की।