चण्डीगढ़,14 फरवरी : पंजाब सरकार द्वारा डी फार्मेसी (उपवैद्य) के लिए योग्यता दसवीं से बड़ाकर बाहरवीं करने का सैद्धान्तिक रूप से निर्णय किया गया। यह जानकारी मैडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री श्री चुन्नी लाल भगत ने पंजाब भवन में हुई विभाग की उच्च स्तरीय बैठक दौरान दी। श्री भगत ने बताया कि बैठक दौरान राजकीय आयुर्वेदिक व युनानी उपवैद्य यूनियन पंजाब के प्रतिनिधिमण्डल द्वारा उपवैद्य की योग्यता बढ़ाने की मांग की गई थी जिसको मोके पर मानते हुए दसवीं से बाहरवीं तक करने का सैद्धान्तिक निर्णय लिया गया।
बैठक दौरान पंजाब मेडिकल एण्ड डैंटल टीचर्ज एसोसिएशन ने भी मंत्री को मांग पत्र सौंपा। श्री भगत ने मांगों को ध्यान से सुनते हुए मानने का आश्वसन देते हुए कहा कि मांगों पर विचार करने के लिए मैडिकल व डैंटल कालेज के प्रिंसीपलों और मैडिकल सुप्रीडंटों की कमेटी बना दी है। यह कमेटी अपनी रिपोर्ट मैडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के डायरैक्टर श्री ए एस थिंद को सौंपेगी। डायरैक्टर आगे मांगे मानने के लिए अपनी सिफारिशें उनके पास करेंगें। एसोसिएशन की मुख्य मांगों में समयबद्ध तरक्कियां, अकादमिक व अनुसंधान भत्ते अकादमिक अवकाश, नॉन प्रैक्टिस भत्ता आदि प्रमुख हैं।
श्री चुन्नी लाल भगत ने सरकारी डाक्टरों द्वारा प्राईवेट प्रैक्टिस करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को निर्देश दिये कि ऐसे डाक्टरों विरूद्ध कार्रवाई की जाये ताकि विभाग की छवि को धब्बा न लगे। उन्होंने प्रिंसीपलों को स्पष्ट निर्देश दिये कि वह यह विश्वसनीय बनाएं कि कोई भी फैक्लटी सदस्य प्राईवेट प्रैक्टिस न करें।