कराची - पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बनाए जाने के क्रम में कराची के सफूरा चौक में बुधवार को एक यात्री बस पर बंदूकधारियों के हमले में 47 लोग मारे गए और 13 घायल हो गए। बस में करीब 60 से 65 लोग सवार थे। मरने वालों में 16 महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक नजीब खान के अनुसार बस यात्री अल्पसंख्यक शिया इस्मायली समुदाय के थे। छह हमलावर मोटरसाइकिल में सवार होकर आए थे। पाकिस्तानी तालिबान से अलग हुए आतंकवादी संगठन जुनदुल्लाह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
घटना बुधवार सुबह 9:30 बजे की है। आतंकी एके-47 से लैस थे। पुलिस ने बताया कि बंदूकधारियों ने इस खचाखच भरी बस को रोक लिया और उसमें घुस गए तथा उसके बाद अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। शिया इस्माइली समुदाय के लोगों को लेकर बस शहर के अल अजहर गार्डन इलाके से आयशा मंजिल के करीब स्थित उनके धार्मिक स्थल की ओर जा रही थी। यात्रा के दौरान शरीफ ने कहा था कि जो अफगानिस्तान का दुश्मन है, वह पाकिस्तान का भी दुश्मन है। हाल के वर्षों में पाकिस्तान में विशेषकर अल्पसंख्यक शिया मुस्लिमों के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा में बढ़ोतरी हुई है, जो देश के मुस्लिमों की जनसंख्या का लगभग बीस फीसदी हैं।
हमले के बाद पुलिस को बस में खून से सने पर्चे मिले हैं। इसमें हमले में अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के शामिल होने और आगे भी ऐसे हमले करने की धमकी दी गई है। हमले के बाद बस के अंदर खाली कारतूसों के अलावा नीले रंग की टोपियां भी मिली हैं। ऐसी टोपियां कराची में पुलिसकर्मी पहनते हैं। इसलिए माना जा रहा है कि वे पुलिस की वर्दी पहनकर हमला करने आए थे।