मोगा - पंजाब के मोगा में कथित छेड़छाड़ की शिकार किशोरी की मौत के चार दिन बाद आज उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। अब तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया था और शव शवगृह में रखा था। आज सहमति बनने के बाद आज उसका पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम के लिए परिजनों की सहमति लेनी होती है लेकिन उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं तब तक वे सहमति नहीं देंगे। लेकिन रविवार को मोगा में परिवारवालों, प्रशासन और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई जिसमें पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार को लेकर सहमति बनी। उधर, इस मामले में सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सुनवाई होगी।
चार दिन पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल की कंपनी आर्बिट की बस में मां-बेटी से छेडख़ानी कर उन्हें बस से धक्का देने के बाद हादसे में बेटी की मौत गई थी। इसके बाद से प्रदेश की राजनीति गरमा गई और प्रदेश सरकार बुरी तरह घिर गई। परिजन बादल परिवार पर केस दर्ज करने की मांग कर रहे थे, लेकिन शनिवार दोपहर अचानक पुलिस व प्रशासन के आलाधिकारी पीडि़त परिवार से मिलने पहुंचे।
प्रशासन ने बताया कि मामले में समझौता हो गया। परिवार पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उधर, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी व पीपीपी ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने दबाव डालकर परिवार से समझौता कराया।
मोगा में शनिवार को भी दिनभर गहमागहमी रही। पीडि़त महिला व परिवार से मिलने आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास, प्रदेश कांग्र्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पीपीपी प्रधान मनप्रीत बादल समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पहुंचे। नेताओं ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट हो चुकी है। उन्होंने आर्बिट बस मामले में बादल परिवार पर केस दर्ज करने की मांग की। साथ ही इस बात पर भी नाराजगी जताई कि अभी तक बादल परिवार का कोई भी सदस्य पीडि़त परिवार से मिलने नहीं पहुंचा है।