इस्लामाबाद- चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो दिनों की यात्रा पर सोमवार को पाकिस्तान पहुंचे। पहुंचने के कुछ घंटों के भीतर ही उन्होंने पाकिस्तान में अरबों डालर की निवेश योजनाओं की शुरुआत की। इनमें से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना ही 46 अरब डालर (करीब 28950 करोड़ रुपये) का है। भारत की चिंताओं को दरकिनार करते हुए जिपपिंग ने इस समझौते की शुरुआत की है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच 50 और समझौते किए गए हैं।
जिनपिंग और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच वार्ता के बाद इन समझौतों पर दस्तख्त किए गए। ये समझौते ऊर्जा उत्पादन, बुनियादी ढांचा विकास, सुरक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। चीन 12 (करीब 7552 करोड़ रुपए) अरब डालर का कर्ज भी पाकिस्तान को देगा। इन पैसों से पाकिस्तान ऊर्जा संकट खत्म करने और आर्थिक व सामरिक बदलाव की उम्मीद कर रहा है। इस परियोजना के तहत चीन के अल्पविकसित पश्चिमी क्षेत्र को पाक अधिकृत कश्मीर के रास्ते पाकिस्तान के अरब सागर से जुड़े ग्वादर बंदरगाह से जोड़ा जाएगा। इसके तहत क्षेत्र में सडक़ों, रेलवे, व्यावसायिक पट्टियों, ऊर्जा योजनाओं और पेट्रोलियम पाइपलाइनों का मिश्रित नेटवर्क खड़ा किया जाएगा।
जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर उतरने के साथ ही शानदार स्वागत किया गया। स्वागत करने के लिए राष्ट्रपति ममनून हुसैन, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सेना प्रमुख राहील शरीफ सहित कई मंत्री मौजूद थे। 10 हजार जवान तैनात जिनपिंग की यात्रा को देखते हुए इस्लामाबाद और रावलपिंडी में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी प्रमुख भवनों और सडक़ों पर पाकिस्तान सेना, रेंजर्स और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। डॉन के अनुसार 10 हजार पुलिस अधिकारी और एलिट फोर्स कमांडो की तैनात की गई है। राजधानी व अन्य प्रमुख शहरों में पाकिस्तान-चीन दोस्ती जिंदाबाद के पोस्टर लगाए गए हैं। जिनपिंग पाकिस्तान की संसद को भी संबोधित करेंगे।