चण्डीगढ़ - पंजाब सरकार द्वारा नवांशहर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर शहीद भगत सिंह रेलवे स्टेशन रखते हुये इस संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है। शहीद भगत सिंह स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणीय थे जिनको ब्रिटिश सरकार द्वारा लाहौर जेल में 1931 को फांसी दी गई थी।
8 अप्रेल, 1929 को भगत सिंह एवं बुटकेश्वर दत्त द्वारा केंद्रीय एसेंबली हाल में सत्र के दौरान बम्ब फैंका गया था जिससे कोई जानी नुकसान नही हुआ था। इस घटना के बाद दोनो स्वतंत्रता सैनानियों द्वारा मौके पर भागने की जगह स्वयं गिरफतारी दी गई और केस के दौरान भी भगत सिंह द्वारा बचाव पक्ष में कोई वकील करने से मना कर दिया था।
जेल में भगत सिंह द्वारा कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार के विरोध में भूख हड़ताल की गई। 7 अक्तूबर, 1930 भगत सिंह, सुखदेव सिंह एवं राजगुरू को विशेष ट्रिब्यूनल द्वारा फांसी की सजा सुनाई गई और 23 मार्च, 1931 को सुबह फांसी दी गई थी। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हुसैनीवाला में शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट की गई थी।