चण्डीगढ़ - पंजाब पुलिस की सामुदायिक मामले डिवीजन द्वारा चार लाख एफ आई आर, 6 लाख 50 हजार शिकातयों , आठ लाख गुम हुये मोबाईल, तीन हजार लावारिस शव व पांच लाख पासपोर्टो की स्केनिंग के रूप में एकत्रित किया गया डाटा बैंक सांझ सरबर पर उपलब्ध हो जाने से अपराधों व अपराधियो की खोज में बड़ी सहायता मिलेगी।
एसके शर्मा डीजीपी कम्यूनिटी पुलिसिंग द्वारा यहां इंस्टीच्यूट फार डिवैलपमैंट एंड कम्यूनिकेशन में जोन आईजी, रेंज डीआईजी और पुलिस कमीशनरों की करवाई गई विशेष वर्कशाप दौरान दी गई। शर्मा ने इस मौके अधिकारियों को सांझ के संस्थागत व प्रशासकीय ढांचे संबधी जानकारी देते हुये यह बात जोर देकर कही कि वह सांझ प्रोजैक्ट की समय समय पर निगरानी और मूल्याकंन करते हुये पुलिस व लोगों के बीच सांझ को मजबूत बनाने के लिए कार्य करे ताकि अत्याधिक पारदर्शता व जवाबदेही से जहां लोगों को पूर्ण संतुष्टि मिले वही पुलिस की छवि में भी सुधार हो। वर्कशाप की अध्यक्षता करते हुये डा. प्रमोद कुमार चेयरमैन पंजाब प्रशासकीय सुधार आयोग और डायरेक्टर आई डीसी ने नये सांझ केन्द्र की स्थापना पिछले उदेश्य की जानकारी देते हुये कहा कि लोगों का कारपोरेट स्थिति में समय बद्ध और कुशल सेवाए देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है उन्होने कहा कि वर्कशाप का उदेश्य सीनियर पुलिस अधिकारियेों को सांझ प्रोजैक्टों के साथ पूरी तरह जोडा जाना है।