युगांडा - शायद ही आपने पहले कोई ऐसा किस्सा सुना हो जब किसी आदमी ने बदला लेने के लिए किसी मगरमच्छ को मारा हो। दरअसल, इस बदले के पीछे भी एक कहानी है। युगांडा की रहने वाली दिमित्री नाबिरी को चार महीने पहले झील में मगरमच्छ ने अपना शिकार बना लिया था। वह झील से पानी लेने गई थी। उसका पति मुबारक बाताम्बुज़ बेहद सदमें में आ गए क्योंकि उनकी पत्नी उस समय गर्भवती थीं।
इस घटना में उन्होंने अपनी पत्नी और बच्चा दोनों ही खो दिए थे। वह अपनी पत्नी की हत्या का बदला लेने के लिए तैयार थे। वहीं मगरमच्छ पिछले महीने दोबारा झील में देखा गया और वह अपने दोस्तों के साथ झील के किनारे गए। उसने बताया, वह बहुत बड़ा और दैत्याकार था। हमने उसे पत्थरों और डंडों से मारने की कोशिश की लेकिन हम उसका कुछ कर नहीं सके।
उसके बाद उसे मारने का तरीका सोचा गया। मुबारक इलाके के लोहार के पास गए और एक भाला तैयार करवाया, जिसके किनारे पर कांटे लगे थे हालांकि उन्हें यह अच्छी तरह पता था कि इन सब में उनकी जान भी जा सकती है। दोबारा झील पर दिखने पर मगरमच्छ के बगल में भाले को भोंक दिया जबकि उनके दोस्त उसके पीछे पत्थर फेंक रहे थे। मगरमच्छ ने जैसे ही अपना मुँह उठाकर हमला करने की कोशिश की लेकिन मुबारक ने उसे रस्सी में फंसा लिया और भाले से मार डाला।
यह लड़ाई करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस तरह मगरमच्छ मारा गया। मगरमच्छ को मारने के बाद जब मुबारक़ और उनके दोस्त अपने गांव पहुँचे तो लोगों ने उनका किसी हीरो की तरह स्वागत किया। युगांडा के वन्य जीव अधिकारी ओसवाल्ड तुमान्या ने बताया कि मगरमच्छ चार मीटर से भी अधिक लंबा और करीब 600 किलो वजनी था। मगरमच्छ के शव को कांपला के माकारेरे विश्वविद्यालय ले जाया गया, जहां एक पशुचिकित्सक ने उसका परीक्षण किया।
उसके पेट से पिंडली की हड्डी मिली लेकिन यह अभी साफ नहीं है कि वो किसी इंसान की ही हड्डी है।ऑस्ट्रेलिया के चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय के मगरमच्छ विशेषज्ञ एडम ब्रिटन कहते हैं कि सामान्य परिस्थितियों में यह बहुत असंभव है कि बारह हफ्ते बाद भी मगरमच्छ की आंत में आहार की कोई हड्डी बची रहे।