पेरिस - पेरिस में 3 दिन से लगातार चल रहा आतंक का घिनौना खेल आज रात उस समय खत्म हो गया, जब पुलिस ने मैगजीन शार्ली ऐब्दो पर हमले के दोषी दोनों आतंकवादी भाइयों समेत 3 आतंकवादियों को मार गिराया। इससे पूर्व आज दिन में जहां पुलिस ने मैगजीन पर हमला कर 12 लोगों की जान लेने वाले दोनों आतंकी भाइयों सैयद क्वाची और शेरीफ क्वाची की घेराबंदी की, वहीं एक अन्य घटनाक्रम में एक और आतंकी एमिडी कौलीबेली ने शहर की एक सुपर मार्केट में घुसकर कुछ महिलाओं और बच्चों को बंधक बना लिया था।
तीनों आतंकवादियों की मौत के साथ ही यह बंधक संकट भी खत्म हो गया है। पुलिस ने महिलाओं और बच्चों को सुपर मार्केट से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इससे पूर्व आज दिन में मीडिया के दफ्तर पर हमले के 2 आरोपियों की फ्रांस की पुलिस ने घेरेबंदी कर रखी थी। व्यंग्य पत्रिका पर हमले के बाद फ्रांस ने आतंक के खिलाफ जंग का ऐलान करते हुए दोनों हमलावर आतंकियों को राजधानी पेरिस से 12 किमी दूर घेरा। दोनों एक प्रिटिंग गोदाम में छिप गए। उन्हें जिंदा दबोचने के लिए पुलिस ने युद्ध जैसी कार्रवाई शुरू की और देर रात दोनों को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस ने एक साथ दोनों जगह सामूहिक ऑपरेशन करके तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया। सुपर मार्केट में घुसकर लोगों को बंधक बनाने वाले आतंकी ने इससे पहले फायरिंग कर 2 लोगों की जान ले ली थी। बताया जा रहा है कि ये हमलावर भी पहले वाले आतंकियों के गुट से जुड़ा हुआ था। एक लडक़ी भी इसके साथ बताई जा रही थी। ये वही हमलावर था जिसने कल एक महिला पुलिस अफसर की हत्या की थी। ये अफ्रीकी मूल का बताया जा रहा है। इससे पहले दिन में सुरक्षा के लिए 88 हजार जवान तैनात किए गए थे और देश भर में हेलिकॉप्टरों से भी निगरानी रखी जा रही थी। पेरिस के 2 रनवे भी ऐहतियात के तौर पर आज बंद कर दिए गए थे। फ्रांस की सरजमीं पर आधी सदी में सबसे भयावह हमले के आरोपी दोनों आतंकी सगे भाइयों-शरीफ क्वाचि (32) और सईद क्वाचि (34) को पकडऩे के लिए पुलिस ने आज जर्बदस्त अभियान छेड़ा था। गत दिवस दोनों आतंकी एक पेट्रोल पंप पर दिखे थे, उसके बाद उनका पीछा शुरू कर दिया गया था। रातभर पुलिस से उनकी लुकाछिपी जारी रही।