इस्लामाबाद - पाकिस्तान की एक अदालत ने अलकायदा के एक सदस्य और चार अन्य आतंकवादियों सहित आठ अपराधियों के खिलाफ फांसी का वॉरंट जारी किया है। समाचार पत्र डॉन ने रविवार को बताया कि अलकायदा सदस्य जुल्फिकार अली को कराची स्थित अमेरिकी दूतावास के पास वर्ष 2003 में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोप में मार्च 2004 में सजा सुऩाई गई थी। लश्कर-ए-झांगवी के चार आतंकवादियों- मोहम्मद शाहिद हनीफ, मोहम्मद ताल्हा हुसैन, खलील अहमद और मोहम्मद सईद के खिलाफ भी फांसी का वॉरंट जारी किया गया है। हनीफ, हुसैन और अहमद को जुलाई 2001 में रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी की हत्या के अपराध में अप्रैल 2002 में सजा-ए-मौत सुनाई गई थी। सईद को एक सेवानिवृत्त पुलिस उपाधीक्षक और उनके बेटे की हत्या के जुर्म में अप्रैल 2001 में फांसी की सजा सुनाई गई थी।
एक अन्य मामले में एक नाबालिग लडक़े का अपहरण कर उसकी हत्या करने के अपराध में दो अपराधियों- बेहरम खान और शफकत हुसैन को जून 2003 में मौत की सजा दी गई थी। तीन लोगों की हत्या के अपराध में 1998 में मृत्युदंड पाए अहमद अली को सात जनवरी को फांसी दी जाएगी। हनीफ, मोहम्मद ताल्हा हुसैन, अहमद, खान और जुल्फिकार अली को 13 जनवरी को, शफकत हुसैन को 14 जनवरी और सईद को 15 जनवरी को फांसी दी जाएगी।
पिछले साल दिसंबर में पेशावर के एक सैनिक स्कूल पर हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान ने आतंकवाद संबंधी मामलों में मौत की सजा से प्रतिबंध हटा दिया था। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में 140 स्कूली छात्रों और शिक्षकों सहित 150 लोगों की मौत हो गई थी।