चंडीगढ़ - एन्फोर्समैंट डायरैक्टोरेट (ई.डी.) द्वारा पंजाब के राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को सम्मन जारी किए जाने के बाद से अकाली दल में गहरी चिंता तथा अनिश्चितता का माहौल है। इसके साथ ही पार्टी में यह भावना भी पाई जा रही है कि भाजपा ने एक सोची-समझी साजिश के तहत अकाली दल के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोल रखा है। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में अकाली-भाजपा विधायक दल की संयुक्त बैठक में सदन में इस मुद्दे पर विपक्ष का सामना करने हेतु रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में तब दिलचस्प माहौल पैदा हो गया जब कैबिनेट मंत्री तोता सिंह ने भाजपा से मजीठिया के मुद्दे पर स्टैंड स्पष्ट करने को कहा कि इस पर संसदीय मामलों के मंत्री तथा वरिष्ठ भाजपा नेता मदन मोहन मित्तल ने कहा कि अभी तक तो भाजपा अकाली दल के साथ है, बाकी स्थिति पार्टी अध्यक्ष के जम्मू से लौटने पर स्पष्ट होगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के इस्तीफे पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप पर कहा कि उन्होंने न तो सरवन सिंह फिल्लौर से इस्तीफा मांगा था और न ही मजीठिया से मांगेंगे। फिल्लौर ने नैतिकता के आधार पर खुद इस्तीफा दिया था। वहीं मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार विपक्ष द्वारा विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की चुनौती को प्रसन्नता से स्वीकार करती है।