इस्लामाबाद - पाकिस्तान में फांसी की सजा पाए 500 आतंकवादियों को सूली पर टांगने की तैयारी हो रही है। मौत की सजा पर 2008 में लगाए गए प्रतिबंध को खत्म करने और उनकी दया याचिका खारिज होने के बाद उन्हें फांसी देने की तैयारियां चल रही हैं। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में 55 आतंकियों को फांसी दी जाएगी। बाकी आतंकियों को आने वाले वाले हफ्तों में फांसी दिए जाने की तैयारी है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति मनमून हुसैन ने 55 आतंकवादियों की दया याचिका खारिज कर दी, जिससे मंत्रालय की तरफ से ब्लैक वॉरंट जारी करने का रास्ता साफ हो गया। वर्ष 2012 से ही कई दया याचिकाएं लंबित हैं, क्योंकि फांसी पर रोक लगे होने के कारण पूर्व राष्ट्रपति आसिफ जरदारी ने कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। गृह मंत्री निसार अली खान ने कहा कि 500 से ज्यादा आतंकवादियों को अदालतों ने मौत की सजा दे रखी है, उन्हें सूली पर टांगने की तैयारी है। पेशावर स्कूल नरसंहार के बाद सरकार ने मौत की सजा पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया था।
नरसंहार में 148 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर बच्चे थे। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को लटकाए जाने के बाद देश उनकी तरफ से पेश किसी भी तरह की चुनौती को स्वीकार करने को तैयार है। पूर्व सैन्य शासक जनरल परवेज मुशर्रफ पर हमले के लिए रविवार को चार आतंकवादियों को फांसी की सजा दी गई थी, जिससे फांसी पर लटकाए जाने वाले कैदियों की संख्या छह हो गई है। मानवाधिकार समूहों ने मौत की सजा बरकरार रखने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की है।