जालंधर - अखिल भारतीय सरस्वती ज्योतिष मंच की ओर से 54 वां राष्ट्र्रीय ज्योतिष सम्मेलन 19 से 21 दिसंबर तक जालंधर में आयोजित किया जाएगा। इस 3 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान ज्योतिष, टैरोकार्ड, रत्न, वास्तु, हस्तरेखा, मस्तक रेखा, रमल, भृगु, नाड़ी, नक्षत्र, से संबंधित विभिन्न विषयों से जनमानस की भ्रांतियों के बारे में विचार चर्चा की जाएगी। मंच के संस्थापक अध्यक्ष व संचालक राजीव शर्मा ने बताया कि 19 दिसंबर को ज्योतिष वास्तु आर्युवेद, रत्न, यंत्र, मंत्र व अन्य ज्योतिषीय उपायो के सामान, पुस्तकों की प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा। इस प्रदर्शनी के दौरान जन्म पत्री, जन्म कुंडली बनाने वाले कम्प्यूटर साफ्टवेयर, पुस्तके, फैगशुई, आर्युवैदिक सामान, चुम्बकीय चिकित्सा संबंधित सामान व पुस्तके शामिल की जाएगी।
विक्रांत शर्मा ने बताया कि 20 दिसंबर शनिवार को सम्मेलन के 3 सत्र होंगे। प्रथम सत्र 11 बजे शुरू होगा जिसमें सरस्वती वंदना, ज्योति प्रज्जवलन व उद्घाटन होगा। द्वितीय सत्र में हस्तरेखा द्वारा संतान योग का विश्लेषण किया जाएगा। तृतीय सत्र में लाल किताब में मुशनई ग्रहों का महत्व, वास्तु, टैरोकार्ड संबंधित चर्चा की जाएगी। 21 दिसंबर रविवार को भी 3 सत्र होंगे और उसके पश्चात पुरुस्कार वितरण समारोह होगा। इस दौरान अंकों द्वारा कैरियर का चुनाव, वैदिक ज्योतिष में कौन से ग्रहों के योग में रोगों की उत्पत्ति होती है, का ज्योतिषीय विश्लेषण, शनि का वृश्चिक राशि में प्रवेश व प्रभाव, वास्तु, लाल किताब, हस्तरेखा, अंक विज्ञान संबंधित किसी भी विषय पर किया गया शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएगे। इस दौरान सर्वश्रेष्ठ वक्ता, सर्वश्रेष्ठ लेख देने वाले विद्वानों को ताम्र पत्र के साथ-साथ स्मृति चिन्ह से समानित किया जाएगा।