वाशिंगटन - भारत और रूस के बीच सामान्य संबंधों को लेकर अमेरिका नाखुश है, लेकिन इसका राष्ट्रपति बराक ओबामा की आगामी भारत यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा है। विदेश विभाग की प्रवक्ता जेन साकी से जब पूछा गया कि क्या रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के दौरान हुई संधियों के कारण ओबामा भारत दौरे की योजना रद्द कर देंगे, इस पर उन्होंने कहा, नहीं, भारत महत्वपूर्ण साझेदार है। ओबामा को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है।
वह यह सम्मान पाने वाले तथा कार्यकाल के दौरान भारत की दो बार यात्रा करने वाले अमेरिका के पहले राष्ट्रपति होंगे। साकी ने कहा, बेशक, हमारे आर्थिक संबंध महत्वपूर्ण है, जिसे हम आगे जारी रखना चाहते हैं। हालांकि, साकी ने सहयोगियों और साझेदार देशों को आगाह करते हुए कहा कि यूक्रेन में रूस के साथ हस्तक्षेप के वक्त उसके साथ पूर्ववत संबंध बरकरार रखने का यह उचित समय नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह जानकारी प्राप्त हुई है कि भारत और रूस ने तेल खोज, आधारभूत संरचनाओं, रक्षा और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में समझौते किए हैं।
प्रवक्ता ने कहा, हम इस पर बराबर नजर रखेंगे, लेकिन हमने सभी समझौतों के विवरण नहीं देखे हैं। लेकिन हम सभी देशों से लगातार अनुरोध करेंगे कि वे रूस के साथ पहले जैसे संबंध न रखें। उन्होंने कहा कि रूस के खिलाफ प्रतिबंध लगाए गए हैं, जो अमेरिका और इसके पश्चिमी सहयोगियों ने लगाए हैं। साकी ने कहा, सामान्य रूप से मौजूदा स्थिति के अनुसार संबंध सामान्य गति से नहीं चलने चाहिए। क्या अमेरिका ने पुतिन के दौरे से पहले भारतीय अधिकारियों से कहा था कि रूस के साथ संबंध पहले की तरह बरकरार रखने का यह उचित समय नहीं है। साकी ने कहा, हम उस मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे। मैं आपको याद दिलाना चाहूंगी कि भारत, रूस की यूक्रेन में हस्तक्षेप करने वाली गतिविधि का समर्थन नहीं करता और वह भी इस मुद्दे पर काफी मुखर रहा है।