चण्डीगढ़: पंजाब में विधान सभा चुनावों में हारने के बाद बिल्कुल बिखर कर कमजोर हो चुकी कांग्रेस को अब लोगों को एकत्र करने के लिए भी शोशेबाजी का सहारा लेना पड रहा हे। जिस की मिसाल श्री मुक्तसर साहिब में माघी मेलें पर करवाई कांग्रेस की राजनीतिक कांफ्रैसों से स्पष्ट होती है। इन विचारों का प्रगटावा शिअद के सीनियर नेताओ सिंकदर सिंह मलूका,मनतार सिंह बराड, सरूप चंद सिंगला और हरप्रीत सिंह कोटभाई ने जारी कि ये संयुक्त बयान में किया।
सीनियर नेताओं ने कहा कि पूरी तरह फूट का शिकार हो चुकी कांग्रेस की स्थिति इस समय राज्य में इतनी कमजोर हो चुकी है कि इनके राष्ट्रीय नेता आने पर की जाने वाली कांफ्रैसो में भी इनको लोगो को बुलाने के लिए यूथ अकाली दल के प्रधान बिक्रम सिंह मजीठिया की सीडी के सहारे की शोशेबाजी करनी पड रही हे जबकि ऐसे मोकों पर तो पार्टी द्वारा अपनी नीतियों की लोगो के सामने बात करनी चाहिए उन्होने कहा कि अपने भाषण में इस कांफ्रैस दौरान कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने केन्द्रीय रेल मंत्री से गाडी मांगी ताकि वह अकाली नेताओं को बिठाकर पंजाब से बाहर छोड सके। कैप्टन की इस मांग पर टिप्पणी करते हुये नेताओ ने कहा कि कैप्टन जो काम अकाली दल को लोकतांत्रिक तोर पर चुनावों में हराकर नही कर सके वह अब ऐसे ब्यानो द्वारा करना चाहते है। जबकि यह स्पष्ट है कि लोगो ने पहले ही कांग्रेस को हराकर 7 समुद्र पार भेज दिया है जहां से अब वापिस राजसता में आने के लिए कांग्रेस और कैप्टन को 7 जन्म लेने पडेगें। नेताओं ने कहा कि वास्तव में कैप्टन अमरेन्द्र सिंह 2007 और 2012 में पार्टी की दो बार हार होने के कारण और अपनी अध्यक्षता दौरान अपने पुत्र रणइंद्र सिंह को दो बार जीता न सकने के कारण अपना मानसिक संतुलन गवा बैठे है। उन्होने बताया कि अब तो कैप्टन की अध्यक्षता वाली उसकी अपनी पार्टी के सीनियर लीडरों को भरोसा नही रहा जिस कारण भूतपूर्व मुख्यमंत्री बीबी राजिन्द्र कौर भटठल ही उसको प्रधानगी से हटाने के लिए विधायकों के साथ पार्टी की कौमी स्तर की बैठक में मामला उठाने की घोषणा कर चुकी है।
अकाली नेताओं ने कहा कि कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ओैर कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताआं को तो अब सपने में भी यूथ अकाली दल के प्रधान बिक्रम सिंह मजीठिया ही दिखाई देते है जिस कारण वह पिछले कई महीनो से राज्य में हुई अपनी बडी राजनीतिक रैलियों में प्रकाश सिह बादल या सुखबीर सिंह बादल द्वारा लोक हित में उठाए मामलों का उत्तर देने की बजाए बिक्रम सिंह मजीठिया का दिनरात नाम लेते है।उन्होने चुटकी लेते हुये कहा कि इसी कारण कैप्टन की पाकिस्तानी महिला मित्र भी उसके साथ अब रूठी हुई है क्योकि उसको याद करने के बजाए कैप्टन सिर्फ बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम जपते रहते है। नेताओं ने कहा कि पंजाब में अमन कानून की स्थिति संबधी अपनी टिप्पणियां देने वाले कांग्रेसी ओैर कैप्टन अमरेन्द्र सिंह भूल गये है की जब उनकी राज्य में सरकार थी तो वह अपने महिला मित्र को पहाडों की सैर करवाते रहे और पंजाब में आम आदमी पूरी तरह लूटा और मारा गया उन्होने कहा कि उस समय अकाली दल ने लोगो का हाथ थामा जिस कारण अब आम लोग और प्रत्येक वर्ग शिअद के साथ इस प्रकार जुड गया है कि आने वाले कई साल पंजाब की इसी प्रकार सेवा करता रहेगा।