चंडीगढ़ ( आरके विक्रांत शर्मा ) - लुधियाना स्थित नामवर सीएमसी हस्पताल की लापरवाही ने 11 साल की भावना शर्मा और सात साल की हरलीन कौर सहित निशांत शर्मा उम्र 17 वर्ष की जिंदगियां ही लील डालीं। ये दिल दहलाने वाले आरोप सीएमसी लुधियाना पर मौत का ग्रास बने बच्चों के माता पिता ने आज प्रेस वार्ता में रो रो कर व्यक्त किये।
सभी के माता पिता बीते 3 अक्टूबर को अपना अंतिम जन्मदिन मनाने वाली हरलीन कौर के पिता इंदरप्रीत सिंह और दसवीं कक्षा में 82% अंक प्राप्त करने वाली पंचकूला निवासी निशांत मदान के पिता विजय मदान सहित भावना शर्मा उम्र 11 साल के पिता सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि उनके बेकसूर स्वस्थ बच्चों को अस्पताल प्रबंधन और दुकानदारी सहित डाक्टरों की कथित लापरवाही और लूट खसूट ने अकाल मृत्यु का शिकार बनाया। ये सभी बच्चे थैलेसीमिया से ग्रसित थे जिनका इलाज उनके माता पिता लाखों रूपये लगा कर तथा कर्ज लेकर करवा रहे थे
लेकिन किस को मालूम था कि सीएमसी की अव्यवस्था घोर अंधेरगर्दी और दोनों हाथों से सिर्फ पैसे लूटने में मशगूल मैनेजमेंट उनके घरों के चिरागों को बुझाने का काम करेगी। ऊपर से डाक्टर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका और जवाबदेही सहित जिम्मेवारी से पल्ला झड़ रहे हैं।
28 नवम्बर को आज सिविल हस्पताल के डाक्टरों के गठित पैनल के तीन डॉक्टर्स उक्त प्रकरण की मार्क की गई इन्क्वारी की विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे। कई अभिभावक लुधियाना के पुलिस कमिश्नर आईपीएस अधिकारी से मिले तो उन्होंने पूरी तह तक जाने और बारीकी से केस की जांच करवाने का विश्वास दिलाया।