लाहौर - पाकिस्तान में रविवार शाम वाघा बॉर्डर पर फ्लैग लोअरिंग सेरिमनी के दौरान हुए एक ब्लास्ट में कम से कम 55 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि इस ब्लास्ट को एक फिदायीन हमलावर ने अंजाम दिया। मरने वालों में 11 महिलाएं, बच्चे और 3 पाकिस्तान रेंजर भी शामिल हैं। उधर, बीएसएफ ने बताया है कि इस ब्लास्ट से भारत की तरफ किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है।
पंजाब पुलिस के चीफ मुश्ताक अहमद सुखेरा ने बताया कि यह एक फिदायीन हमला था। वाघा सीमा पर रेंजर परेड समारोह देखने के बाद बड़ी संख्या में लोग बाहर निकल रहे थे कि आत्मघाती हमलावर ने एक निकासी गेट के पास खुद को उड़ा दिया। उन्होंने कहा कि हमलावर को वाघा बॉर्डर के परेड ग्राउंड के चेक पोस्ट पर जैसे ही रोका गया, उसने ब्लास्ट कर दिया। सुखेरा ने बताया कि 20-25 साल की उम्र के बीच का हमलावर अपने साथ 20-25 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री लिए हुए था और इसमें से कुछ उसने अपनी जैकिट में छुपाई हुई थी।
ब्लास्ट में घायल लोगों को लाहौर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। लाहौर के सभी अस्पतालों में इमर्जेंसी घोषित कर दी गई है। पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने इस घटना पर रिपोर्ट तलब की है। सुखेरा ने कहा कि रिपोर्टें मिली थीं कि कुछ प्रतिबंधित संगठन शियाओं, धार्मिक हस्तियों, जन रैलियों और महत्वपूर्ण इमारतों को निशाना बना सकते हैं। शुरुआत में इस ब्लास्ट को सिलेंडर से हुआ धमाका बताया जाता रहा था, लेकिन बाद में अधिकारियों ने इसे फिदायीन हमला करार दिया।
इस हमले के पीछे किसका हाथ है इसको लेकर विरोधाभासी दावे सामने आ रहे हैं। पिछले वर्ष सितंबर में पेशावर में एक चर्च पर आत्मघाती हमले के पीछे जिम्मेदार समूह अल-कायदा से जुड़े आतंकवादी समूह जनदुल्लाह ने हमले की जिम्मेदारी ली है। पेशावर हमले में कम से कम 78 ईसाई मारे गए थे। तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान के इस लड़ाकू दस्ते के प्रवक्ता अहमद मारवात ने कहा कि यह हमला सेना के जर्ब-ए-अज्ब और वजीरिस्तान अभियान के जवाब में किया गया है ।
हालांकि सितंबर में तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान से अलग हुए जमात उल अहरार गुट ने जनदुल्लाह धड़े के दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने यह हमला किया है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने विस्फोट पर शोक और दुख जाहिर करते हुए इसकी निंदा की है और प्रशासन को घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने का आदेश दिया है। रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने देश में आतंकवाद से लडऩे की सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी। विस्फोट में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 75 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विस्फोट की निंदा की है। मोदी ने इसे हिला देने वाली घटना बताया और कहा कि यह आतंकवादियों की एक कायरतापूर्ण कार्रवाई है।