चण्डीगढ़ 5 फरवरी : मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने आज पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड को निर्देश दिये कि राज्य में 11 आदर्श सीनियर सैकेण्डरी स्कूलों के विकास को व्यापक ढंग से यकीनी बनाने के लिए एक प्रभावशाली प्रारूप तैयार किया जाये।
यह आदेश मुख्यमंत्री ने आज सुबह अपने निवास पर प्रिंसीपलों, कार्यकारी प्रिंसीपलों और शिक्षा विभाग के सीनियर अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान इन स्कूलों का जायजा लेने के अवसर पर दिये।
कुछ आदर्श स्कूलों की कमजोर कारगुजारी पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए स. बादल ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड को कहा कि सभी स्कूलों में प्रिंसीपलों की स्थाई नियुक्ति के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं । इसके अतिरिक्त स्कूलों की जरूरत अनुसार टीचिंग एवं नान टीचिंग स्टाफ की एडहॉक बेसिस पर भर्ती की जाये।
स्टाफ की रैशनेलाईजेशन के लिए स. बादल ने महा निदेशक स्कूल शिक्षा, शिक्षा बोर्ड की चेयरपर्सन और अपने तकनीकी सलाहकार पर आधारित एक कमेटी का गठन किया जो इन स्कूलों में स्टॉफ और अन्य बुनियादी ढांचे की जरूरतों का अध्ययन करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने आदर्श स्कूलों की स्थापना अपने स्वपन्नमयी प्रोजैक्ट के तौर पर की थी ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणात्मक शिक्षा मुहैया करवाई जा सकें। इन स्कूलों के लिए राज्य सरकार द्वारा पूरी मदद देने की वचनबद्धता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा इन स्कूलों के भविष्ययी विकास के लिए संजीदगी से कार्य किया जाये।
स. बादल ने पावरकॉम के चेयरमैन को निर्देश दिये कि इन स्कूलों की सिंचाई योग्य जमीन के लिए टयूबवैल कुनेक्शन प्राथमिकता के आधार पर जारी किये जाएं।
बैठक में शिक्षा मंत्री स. सिकन्दर सिंह मलूका, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की चेयरपर्सन डा. तजिन्द्र कोर धालीवाल, सचिव शिक्षा श्री अशोक गुप्ता, महानिदेशक स्कूल शिक्षा श्री काहन सिंह पन्नू और मुख्यमंत्री के विशेष प्रधान सचिव श्री गुरकीर्त कृपाल सिंह के अतिरिक्त पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा चलाये जा रहे आदर्श सीनियर सैकेण्डरी स्कूलों के प्रिंसीपल एवं कार्यकारी प्रिंसीपल शामिल थे।